मनाएं प्रति-दिवस दीपावली..!
दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** एक-एक कई दीप जलाकर,दीपावली हमने मनाई।अगणित दीप हृदय में जल गए,खुशियां मन में हर्षाई॥ मन-आँगन कई दीप जले थे,अंधियारा ठहर न पाया था।काफी दिनों में दीन भी उस दिन,बाद वर्ष,मन से हर्षाया था॥ ‘अवध’ दीपों की कीर्ति बनाकर,दुनिया में इठलाता है।एक दिवस जो हुआ उजाला,क्यों.. शेष बरस तरसाता है..?? … Read more