भाई-बहन का पावन त्यौहार

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* भाई-बहन का आ गया है आज पावन त्यौहार,स्नेह प्यार ममता का,बहना रानी पाती है उपहार। हर काम को छोड़ के,भैया आज बहना के घर जाते हैं,बहना भी अपने पति के साथ में,भैया के घर आती है। रोली अक्षत कुमकुम से थाल सजा के बहना लाती है,टीका लगाने के लिए सुन्दर आसन … Read more

गोधन की महिमा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************ गोवर्धन पावन दिवस,अन्नकूट हरि भोग।ब्रजनंदन पूजन विनत,प्रीति भक्ति मन योग॥ गोधन की पूजा करें,करें धेनु श्रृंगार।अहंकार देवेंद्र का,कृष्ण किया संहार॥ गोधन की महिमा बड़ी,देख कुपित गोपाल।खायी गोधन की शपथ माँ,पूत यशोदा लाल॥ गौ गोबर की अल्पना,रच गोवर्धननाथ।आँगन पूजन हो विनत,कृपासिंधु हरि साथ॥ बना स्वयं निज हाथ से,माधव छप्पन भोग।पूजा … Read more

तब होगी सच्ची दीवाली

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… जब हर घर दीप जलेगाहर आँगन होगा उजियारा,चेहरों पर होगी खुशहाली,तब होगी सच्ची दीवालीहोगी तब अच्छी दीवाली। एक दीप शांति का जलाएं,एक जलाएं मानवता काएक दीप प्रगति का जलाएं,एक जलाएं नैतिकता कासमरसता का पाठ पढ़ें सब,झूठ कहा क्या मैंने आली ?तब होगी सच्ची दीवाली,होगी तब अच्छी दीवाली। … Read more

ज्योति उत्सव…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… अपने प्रियजनों साथ,ज्योति उत्सव मनाएंघर की देहरी पर दीप,रख ये रंगोली सजाएं। करें स्वागत परिजनों,का यह शुभ प्रार्थनाएंघर-द्वार पर सजाकर,दीपक संग अल्पनाएं। झिलमिलाती झूमती,लड़ियां भी मुस्कुराएंगगन के तारे धरा पर,उतर कर जगमगाएं। रोशनी की मनहरण,यह सुंदर कल्पनाएंचलो कोई गीत मधुर,फिर से ये गुनगुनाएं। अंधकार धरा का दूर,करने दीप … Read more

हे सूरज

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** सुबह के सूरज सेआँख मिला कर की बातें,दोपहर के सूरज सेनहीं कर सकते बातें,सबने उसे सर चढ़ा रखा। अभिमानी इंसानदीया भी दिखा नहीं सकते,क्योंकि सूरज नेउनकी परछाई का कद,कर रखा है छोटा। हर रोज की तरहहोती विदाई सूरज की,सूर्यास्त होता ये भ्रमपाले हुए है वर्षों से। पृथ्वी के झूले मेंऋतु चक्र का … Read more

मेहरबानी हो गई….

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** ये रात आज कितनी सुहानी हो गयी, जो मुस्कुराईं तुम मेहरबानी हो गयी।  मुखड़े के नूर से बिखर गयी है रोशनी, बोली ये चाँदनी बड़ी बेईमानी हो गयी।  फीके हजारों दीप भी हैं सामने आपके, ये रोशनी भी आपकी दीवानी हो गयी।  थे रूप के अफसाने तेरे वैसे ही मशहूर, काजल जो लगाया तो … Read more

प्रेम का पथ

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* प्रकृति ने सिखाया प्रेम,समर्पित भाव से बंधनमानव से मानव करे प्रेम,हृदय देखो बने चंदन। नेह से बने रिश्तों का,महकता है सदा प्रकाशप्रेम जोत जगे हृदय में,हो जाता मन वृंदावन। ममता के पलने में झूले,प्रेम आनंदित हो संतानमात पिता,गुरू सखा,प्रेम ही है सबका वंदन। सत प्रेम का पथ कठिन है,जाने स्वयं … Read more

सुहानी भोर किरणों से…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** सुहानी भोर किरणों से,नया इक दिन हुआ रौशन।खिलीं कलियां बिछीं बूंदें,दिखें मोती सी ये बन-बन॥ अंधेरा रात भर का था,उजाला देखकर भागा,गईंं नींदें,खुली आँखें,पहर दिन का नया जागा।समय नूतन है पहरों का,गई हर नींद वादी से,लगे कितना सुहाना ये,नजारा भोर किरणों से।सुहानी भोर की किरणें…॥ उतरकर सूर्य की किरणें,चली … Read more

मन बिम्ब स्थिर नहीं

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** मन बिम्ब स्थिर नहींचन्द्र बिम्ब बने कैसे,उफ़ानों भरे नीर मेंबिम्ब चन्द्र तैरें कैसे! जिव्हा मौन हो जाएंमन मौन करें कैसे,जो हो जाएं गौन हममौन हम पढ़ें कैसे! भानू ताप आकाश सेऊर्जा मन भरे कैसे,पुंज आत्म बिंदु मेंअग्नि ज्योत जले कैसे! मध्य प्रवाह सरिता मेंपोखर,बांध बने जैसे,हो परतों का विच्छेदनगहराई उर भरे वैसे। … Read more

लीला रची

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ब्रम्हांड उठाने वाले ने,गोवर्धन उठा लीला रची…माखन के लालच में जिसको,गोकुल की ग्वालिन ने था नचा…। क्या यही विधाता है जग का,दुविधा देखते इंद्र खड़ा…अब जाँच परीक्षा लेनी है,इस बात पर है इंद्र अड़ा…। घनघोर वर्षा होने लगी,धरती पानी ना सकी पचा…डूबे घर वन धन गाँव सभी,गोकुल में हाहाकार मचा…। तब श्याम … Read more