जगमग दीप जले

वाणी वर्मा कर्णमोरंग(बिराट नगर)****************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… जगमग दीप जले,जगमग दीप जले। अंधेरे से उजाले की ओर,निराशा से आशा की ओरभाग्य से कर्म की ओर,अधर्म से धर्म की ओर-जगमग दीप जले। एक छोटी किरण जैसे,दूर करती हो तम कोवैसे ही कलुषित विचार,दूर हो मन से हृदय से-जगमग दीप जले। प्रेम सद्भाव हो जीवन … Read more

उत्सव दीपावली का

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… आईए,मनाएं उत्सव दीपावली का-जगमग हो सारे जहाँ रश्मि उन दीपों की,मन में छिपी कालिख हो जाए दूर-पवित्र मन में जागे भाईचारे का सुर। दीप जले दिल के दीए में-बत्ती हो उसमें उसूल-मिसाल की,प्यार का घी भरें उसमें-आत्मज्ञान का दीपक जले। बलि हो उस अंधेरे की-बलि हो … Read more

दीप जलाना होगा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… उजियारा जो दूर हो गया,आज बुलाना होगा।अँधियारे को मत कोसो तुम,दीप जलाना होगा॥ मातम की बुनियादें गहरी,सच पर तो अब पहरा है।झूठ,कपट का मुंसिफ से तो,सौदा जाकर ठहरा है॥सत्य,न्याय के मधुर तराने,अब तो गाना होगा।अँधियारे को मत कोसो तुम,दीप जलाना होगा…॥ सुर,लय गलियारों तक सीमित,मंच … Read more

जलाएँ दीप हम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ******************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… दीपों की महफ़िल सजी,चहुँदिक् विजयोल्लास।मुदित सुखी धन शान्ति जग,नवजीवन आभास॥ कौशल लौटी जानकी,पटरानी रघुनाथ।दीपक जगमग चहुँ जले,कर स्वागत सिय साथ॥ लखि वैदेही राम को,सज अयोध्या धाम।आलोकित दीपावलि,अभिरंजित अभिराम॥ दीनबंधु अभिराम मन,अरिमर्दन लंकेश।पाप घृणा मद खल जले,अवधराज हर क्लेश॥ अभिनंदन सीता वधू,लखन लाल सौमित्र।सजी थाल … Read more

राग नया हम गाएंगे

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)************************************** दीपावली विशेष…. दीपोत्सव का राग नया सब मिलकर हम गाएंगे,झिलमिल सुंदर दीप जगमगाएंगे। घर-आँगन रंग-बिरंगे चमचमाएंगे,मिलकर हम सब रिश्ते-नाते फिर से जीवंत बनाएंगे। गली-मोहल्ला,डगर-नगर सब दीपों से भर जाएंगे,मन को मन से जोड़,दीप से दीप जलाएंगे। लेकर हाथों में हाथ फिर ‘कोरोना’ को भगाएंगे,फिर सारी बीमारियों को हम भुलाएंगे। दीपोत्सव का राग नया … Read more

कष्ट देकर पटाखे जलाना जरूरी ?

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… बहुत पहले हम अपनी खुशियों का इज़हार प्रसन्नता,आनंद के साथ मनाते और व्यक्त करते थे पर अब जबसे आर्थिक उन्नति हुई और व्यक्तिगत स्वच्छंदता बढ़ी,सामाजिकता घटी,तब से धन,जन, मन,वातावरण का मूल्य घटा है। आज हम आधुनिक शिक्षित हुए अपनी मर्यादा छोड़ दी या तोड़ दी। जहाँ एक ओर … Read more

दीप मेरे तू जल रहा अनंत

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… दीप मेरे तू जल रहा अनंत,तेरी भक्ति पे तेरा विश्वास प्रचंड। तू वायु-वायरों से जूझता रहता,प्रहार घिर तू सहता रहता। वेदना से तू न हारा कभी,संवेदना से तूने तारा सभी। हौले-हौले टिमटिमाते रहता,ज्योति जलाए तिमिर चिरता रहता। आँधियों से भी तेज निश्चय तेरा,न हार माने … Read more

कुछ ऐसी हो जाए दीवाली…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** मन का कोना साफ करें हम,मन से सबको माफ़ करें हमलटके जो अहंकार के जाले,जड़ से उनका नाश करें हम।यूँ बनी रहे मुखड़े की लाली,कुछ ऐसी हो जाए दीवाली…॥ धो डालें कलुषित तन को हम,रखें शांत विचलित मन को हमनये संबंधों के परिधान पहन लें,पुरातन को भी रखें सहेज हम।रिश्तों … Read more

दूर हो अँधियारा

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… दीपावली पर्व पावन है सखी,सब संदेश हैं इसमें समाहित। जनकल्याण पक्ष है मुखर यहाँ,जीवन की उज्जवल मुस्कान। तिमिर चीर प्रकाश प्रकट होता,सत्य रहा सर्वदा विजयी होता। विजयी हुआ है सत्य जब-तब,सज गई अयोध्या दुल्हन-सी। दीपों की मालाओं से सज गयी। दर्प ने समेटा खुद को कहीं पर,अहंकारी जमीं … Read more

तमस छाया,हमें उसको मिटाना

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… जो तमस छाया धरा पर है हमें उसको मिटाना,डर नहीं तूफ़ान का अब दीप है हमको जलाना। लुप्त मानवता हुई मानव कहीं पर खो गया,तामसिक जीवन बना और दानव हो गया।भूल बैठा है सभी को याद है हमको दिलाना,जो तमस छाया धरा पर है हमें उसको … Read more