जगमग दीप जले
वाणी वर्मा कर्णमोरंग(बिराट नगर)****************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… जगमग दीप जले,जगमग दीप जले। अंधेरे से उजाले की ओर,निराशा से आशा की ओरभाग्य से कर्म की ओर,अधर्म से धर्म की ओर-जगमग दीप जले। एक छोटी किरण जैसे,दूर करती हो तम कोवैसे ही कलुषित विचार,दूर हो मन से हृदय से-जगमग दीप जले। प्रेम सद्भाव हो जीवन … Read more