जरूरत वतन के पहरेदारों की
अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** मंदिर,मस्जिद नहीं चाहिए,चाह नहीं गुरुद्वारों की।आज जरूरत हमें देश में,वतन के पहरेदारों की॥ भारत माँ का मुकुट शिरोमणि,सुलग रहा है शोलों से।कांप रही रूह आज राष्ट्र की,उग्रवाद के गोलों से॥ नहीं लियाकत हमें चाहिए,आज हिमाकत की बारी।करतालों के स्वर में गोली,वीणा में हो बम बारी॥ खाई पाट सको तो पाटो,दिल में पड़ी … Read more