अतुलनीय पिता जी
उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) ************************************ ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. आओ मेरे प्यारे मित्रों,दिल की बात बताता हूँ,पिता जी मेरे परम हितैषी,गाथा उनकी गाता हूँ।करतब उनका लिख ना पाऊँ,माथा मैं नवाता हूँ,आओ मेरे प्यारे मित्रों,दिल की बात बताता हूँ॥ अगर पिता जी कहीं भी जाते,खाली हाथ ना आते थे,फल या मिठाई जो भी होता,घर … Read more