अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** यदि इस २९१९ के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाए और एक स्थिर सरकार बन जाए तो भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे बढ़िया बात तो कोई हो ही नहीं सकती। वह सरकार पिछले पांच साल की सरकार से बेहतर होगी,ऐसी आशा हम सभी कर सकते हैं। एक तो … Read more

ऐसी भी मजबूरी कैसी

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** दो शब्द नेह के लिखे हैं लेकिन,शायद ही पढ़ पाओ तुम। साजन याद बहुत आती है,जैसे हो आ जाओ तुम॥ पाती में ही कब तक बोलो,शब्दों का संसार लिखूँ। संग बिताए थे पल हमने,क्या उनका आभार लिखूँ॥ टूट गए जो ख्वाब हे साजन,फिर से आन सजा जाओ। साजन याद बहुत … Read more

डॉ.शलभ की किताब ‘कोई एक आशियाँ’ स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लाइब्रेरी में शामिल

रक्सौल(बिहार)। मैसूर (कर्नाटक) स्थित इंफोसिस के स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लाइब्रेरी ने डॉ.स्वयंभू शलभ की चर्चित किताब ‘कोई एक आशियाँ’ को अपने संग्रह में शामिल किया है। बिहार के किसी लेखक की किताब का इस विश्वस्तरीय ग्रंथालय में स्थान मिलना सभी बिहारवासियों के लिए गौरव की बात है।             डॉ.शलभ ने बताया कि,इसकी … Read more

यादों का पिटारा

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* यादों का पिटारा पुराना वो पुरानी खाट,वो चाची की डांट। वो बात-बात पर पापा की, की बातें मोटी-मोटी। वो माँ के हाथों की चोटी, वो पापा की खरी-खोटी। वो दादी के हाथ का अचार, वो रिश्तों से महकी छोटी-सी खोली। वो अपनो के रिश्तों की महक, वो माँ,चाची की चूड़ियों … Read more

ईद मुबारक हो

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** रमजान के महीने में ईद मुबारक हो, घर-घर के आँगन में चन्द्रमा की चाँदनी हो, ईद मुबारक हो। रोजेदार को मिले दुआ बेशुमार हो, अल्लाह का प्यार हो रमजान के महीने में, ईद मुबारक हो। इफ्तार ही इफ्तार हो प्रेम का भंडार हो, मिलने का इंतजार हो रमजान के महीने में, … Read more

बच्चों की जाँ होती है

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* माँ तो केवल माँ होती है, वह बच्चों की जाँ होती है। जीवन में जब पीड़ा आये, अधरों पर केवल माँ होती है॥ माँ के अर्थ गूढ़ हैं कितने, रहते जिसमें अगणित सपने। हर दु:ख ओ व्याधि में भी, माँ को लगते सब जन अपने॥ दु:ख को भी सुख सम … Read more

वो भी बच्चे हैं

प्रेक्षा डॉन गोधा ‘परी’ दुर्ग (छत्तीसगढ़) ************************************************************* परी अपने नानी के घर गई थी। एक दिन परी नानी और मम्मी पापा के साथ मॉल घूमने गई,वहाँ उसने बहुत मस्ती की, खेल खेले,और खाने की कई चीजें भी खरीदी। बहुत देर खेलने के बाद जब वो मॉल से बाहर निकले तो कुछ छोटे बच्चे गुब्बारे बेच … Read more

बेरोजगार

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* बेरोजगार की अपनी अलग कहानी है, हाथ में डिग्री और आँख में पानी है। पदक से अब मैं सब्जी को तौलूंगी, प्रमाण-पत्र के संग रद्दी की दुकान खोलूंगी। हर दिन मेरा एक आँसू बहता है, जब नब्बे प्रतिशत के संग भी बटुआ खाली रहता है। हुनर भी नहीं रहा अब … Read more

जिजीविषा

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** जिजीविषा… जीने की उत्कंठ इच्छा, तब और प्रबल होती गयी जब जीवन में में बस निराशा ही निराशा थी। घोर अंधकार जहाँ कुछ दिखाई न दे, पर तब भी रोशनी की एक छोटी-सी किरण ने जीवन जीने की राह दिखाई, और फिर चल पड़े उस अंधकार को चीरकर जीवन के … Read more

‘विद्यावाचस्पति’ मानद उपाधि से सम्मानित होंगे रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’

नई दिल्ली। साहित्य संगम संस्थान(नई दिल्ली) द्वारा आयोजित वार्षिकोत्सव में जयपुर राजस्थान के साहित्यकार व बोली विकास मंच के अधीक्षक रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’ को हिन्दी साहित्य की दीर्घकालीन सेवा के लिए विद्यावाचस्पति मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इनकी किताब का विमोचन भी होगा। यह जानकारी संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार … Read more