मैं तो,माँ हूँ

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… नौ माह गर्भ के खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ, असहनीय प्रसव पीड़ा के बाद, जब मैंने तुझे जन्म दिया, अपनी गोद में लिया क्षण भर में भूल गयी, सब दर्द सब पीड़ा। एक सुखद अहसास, मातृत्व का तुमसे पाया, तुमने माँ का नाम दिया मुझे, जब तुमने … Read more

रिखब चन्द राँका‌ ‘कल्पेश’ को‌ मिला ‘अटल‌ काव्य रत्न‌’

सतना(मध्यप्रदेश)। अटल काव्यांजलि साहित्यिक मंच द्वारा आठवें मासिक जन्मोत्सव पर आयोजित कवि सम्मेलन में रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ (जयपुर,राजस्थान) द्वारा अप काव्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। इस भव्य सम्मान समारोह में कार्यक्रम के मुख्यातिथि राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ द्वारा साहित्यकार रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’ को ‘अटल काव्य रत्न’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर‌ पर‌ … Read more

माँ की प्रार्थना ईश्वर से

प्रेरणा सेन्द्रे इंदौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कहते हैं माँ बनने का सौभाग्य किस्मत वालों को मिलता है,पर माँ बनकर उसका सुख ना मिल पाए वो सबसे बड़ी बदकिस्मती है। ममता जो पल-पल मौत की ओर बढ़ रही है और सोच रही है कि उसके बाद उसके बच्चों का क्या होगा…? इससे अच्छा तो … Read more

मातृ वंदना

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माता शब्द है जो ममता मानवता का नाम। हृदय से करूँ सभी माताओं को प्रणाम॥   जन्मदायिनी हे माता! तेरा तो पर्याय ही त्याग है। मातृत्व होना स्वयम ही बड़भाग है॥ तेरी देह से ही तो मैं उत्पन्न हुआ। उद्गमित तुझसे यह मेरा जीवन हुआ॥ नहीं चुक … Read more

माँ

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… हो जिसके पैरों तले ‘स्वर्ग’ धरती-सी सहनशीलता जिसमें समाती है, खुद भूखा रहकर जो,बच्चे को खिलाती है गीले बिस्तर की तरफ सोकर, बच्चे को सूखे की ओर सरकाती है इतनी महान हस्ती जिसका हम, विशेष दिवस मनाएं पूजनीया,आदरणीया केवल माँ कहलाती हैl चाहे वह धरती … Read more

तुझे मैं पा नहीं सकता

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** मुहब्बत तो बहुत है पर तुझे मैं पा नहीं सकता, तड़प दिल की ऐ जानेमन कभी दिखला नहीं सकता, तुझे मंजिल मिले वो जो भी तुमने सोच रक्खा है- तुझे मैं प्यार की दलदल जमीं पर ला नहीं सकताl परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म … Read more

विडम्बना

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… दुबई की चिकनी चमचमाती सड़कों पर कार दौड़ी चली जा रही थी,आज मैं अपने बेटी निशा और दामाद शशांक के यहां आई थी। पिछले साल निशा को एक बेटी पैदा हुई थी,लेकिन व्यस्तता के कारण मेरा दुबई आना नहीं हो पा रहा था। आज मैं पहली बार … Read more

तेरी हस्ती है माँ

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… बीज को तूने पेड़ बनाया, तूफानों से मुझे बचाया। गर्भ-जून तेरी मैं पाकर, धन्य हुआ नौ महीने बिताकर। ममता के आँचल से ढांका, दे दी थपकी जब मैं जागा। जग के डर से जब भी रोया, तेरे आँचल में चैन से सोया। रातों … Read more

माँ के उपजे नाम से

प्रभात कुमार दुबे(प्रबुद्ध कश्यप) देवघर(झारखण्ड) *********************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ के उपजे नाम से, माँ को व्यथा सुनाय। जो माँ के सुमरे कहीं, दु:ख उसके सब जाय॥ मनवाँ रोये है कहीं, सुन ले माँ दु:ख मोय। अंदर से सुमिरन करो, तुम्हरे बिना न कोय॥ जग रोने पर हँस रहा, सुमिरै माँ के नाम। प्रभु … Read more

माँ की ममता

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ की ममता है अनमोल ना लगाओ इसका मोल, ऐसी तराजू ना मिलेगी जिसका लगा सके तू मोल। माँ की ममता है अनमोल, ना लगाओ इसका मोलll माँ सृष्टि का सागर है सब गुण से आगर है, माँ नव-नव ज्योत जलाती है काँटे को फूल बनाती है। … Read more