धरती माँ की करुण कहानी

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’  इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरती माँ की करुण कहानी, ग्लोबल वार्मिंग तुम्हें बतानी। रोज काटते पेड़ अनेक, क्षरित हो रहे पर्वत देखो अतिवृष्टि और अनावृष्टि से, असंतुलित है जग का पानी। धरती माँ की करुण कहानी…॥ जनसंख्या विस्फोट हुआ है, नदियों का जल मलिन हुआ है कार्बन … Read more

धरा तू महान है

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… है धरती माँ,तुझे प्रणाम, तू कितनी है महान। तेरे आँचल में पले जग सारा , हर प्राणी की तू है जान, तू बड़ी महान। सम भाव से सबको हांके चहुँऔर रखती हैं ध्यान, हर समस्या का समाधान , तू बड़ी हैं महान। कभी बहाती तीव्र … Read more

चलो धरा बचाएं

निशा गुप्ता  देहरादून (उत्तराखंड) ************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… आम का पेड़ आज बहुत उदास लग रहा है, ना डाली झूम रही है ना पत्ता ही हिल रहा है। मेरे मन में उदासी इसकी शंका जता रही है, गर्मी बहुत है आज शायद पानी को तरस रहा है॥ चिड़िया भी खामोश-सी है,छाँव भी नहीं … Read more

महावीर बनने की तैयारी में जुटें

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** (महावीर जयंती १७ अप्रैल विशेष) महावीर जयंती का महत्व सिर्फ जैनियों के लिए ही नहीं,बल्कि सम्पूर्ण मानव समाज के लिये है। जो जैन मत को मानने वाले हैं,वे यह पवित्र दिन बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। महावीर की शिक्षाओं की उपादेयता सार्वकालिक,सार्वभौमिक एवं सार्वदेशिक है,दुनिया के तमाम लोगों ने … Read more

आओ,मिलकर `पृथ्वी दिवस` को सार्थक बनाएं

प्रभावती श.शाखापुरे दांडेली(कर्नाटक) ************************************************ विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सुन मनुज धरा की पुकार, नित सहती है वेदना हजार। आज सुनाऊँ व्यथा निराली, छीनी मुझसे मेरी हरियालीll आज वर्तमान समय में धरा की यह पुकार न जाने कितनों को सुनाई दे रही है। धरा,मनुष्य को रोज पुकार कर कहती है,-“हे मनुज,तू खुद अपना भविष्य खतरे … Read more

सावन-सा त्यौहार

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सूख रही है धरा, सूख रहा है पानी, आँखों काl धरती बनती, मरू ये कैसा रूप, जवानी काl सूखा तन, तपता बदन धूल-गुबार और, आंधी काl रसातल में जा पहुंचा, जल ये कैसा रूप दीवानी काl आओ सजा दें आँचल इस माँ का, करें बूंदों से … Read more

धरती माँ

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरती माँ के, अखण्ड रूप को खण्ड-खण्ड करते हो क्यों ? कहते हो माता धरती को, माता के टुकड़े करते क्यों ? काट-काट कर वृक्ष धरा से, नग्न धरा को करते क्यों ? अपने निज स्वार्थ के कारण, धरती का दोहन करते क्यों ? कुकर्मों … Read more

धरती को बुखार से बचाएं

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… कितना अजीब लगता है ये शीर्षक पढ़कर-‘धरती का बुखार’ ? जब हमारे शरीर का तापमान बढ़ता है तो हम उसे बुखार कहते हैं,उसी प्रकार धरती का तापमान बढ़ता है तो उसे धरती का बुखार कह सकते हैं। पृथ्वी के इस बढ़े हुए तापमान को विश्व तपन … Read more

धरती

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष…………… धरा सुंदर कृति है, होना है इस पर सतीl धरा सुंदर रचना है, पेड़ जिसके सजना हैl कल-कल करती नदी बहती, तो कभी पत्थरों का भार सहतीl इस धरा पर ना कोई हो सीमा, एक प्रेम रूपी संगीत चले धीमाl धरा से बहता है जब … Read more

जीवन का आधार `धरा`

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष…………… धरा धैर्य को धारण करती, धरा की है अमिट कहानी पानी पर है तैरती, सहस्त्र थपेड़ों की मार झेलती। सूर्य की परिक्रमा धरा निरन्तर है करती, संघर्ष सहती मगर कभी कुछ न कहती दिन-रात है सब प्राणियों की एक माला, धरा बतलाती यही है बन्दे तेरा … Read more