जल जीवनदायी
एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… नदी ताल में कम हो रहा जल,और हम पानी यूँ ही बहा रहे हैं,ग्लेशियर पिघल रहे और समुन्द्र तल यूँ ही बढ़ते ही जा रहे हैं।काट कर सारे वन कांक्रीट के,कई जंगल बसा दिये विकास ने-अनायस ही विनाश की ओर कदम,दुनिया के चले ही जा रहे … Read more