समत्वं योग उच्यते

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. मनुष्य सांसारिक बंधनोंं में रहकर राग-द्वेष,प्रेम,घृणा,जीवन-मरण, जय-पराजय एवं भोग-विलास के विषयों में पड़ कर कभी सुख व कभी दु:ख का अनुभव करता रहता है,जिसके कारण वह परेशान व कष्ट में रहता है और शरीर के साथ -साथ मन भी अभिलाषाओं,आकांक्षाओं में उलझा रहता है। इन सब परिस्थितियों … Read more

बचपन

कैलाश मंडलोई ‘कदंब’ रायबिड़पुरा(मध्यप्रदेश) *********************************************************** मैं नन्हा-मुन्ना बच्चा था, बचपन कितना अच्छा था। लड़ूं झगड़ू मैं तो सबसे, था दिल में कोई बैर नहीं। नई-नई फरमाइश मेरी, घरवालों की खैर नहीं। समझ में थोड़ा कच्चा था, बचपन कितना अच्छा था॥ तेरे-मेरे ऊंच-नीच का, भेदभाव न था मन में। काम क्रोध मद लोभ का, विष भरा … Read more

क्या हुआ है मुझे !

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज क्या हो गया है ? समझ नहीं पा रही हूँ, कुछ लिखना चाहती हूँ लिख नहीं पा रही हूँ। शब्द हैं कि बंधते नहीं, बिखर-बिखर जा रहे हैं… पास नहीं है कोई, फिर भी एकान्त नहीं है। गम नहीं है कोई, पर खुश भी नही हूँ… समझाए मुझे कोई, क्या … Read more

जन-वन की भागीदारी

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** पर्यावरण दिवस विशेष………….. पर्यावरण संरक्षण आज विश्व की सबसे बड़ी और प्रमुख समस्या में से एक है। आज भारत कईं क्षेत्रों में विश्व अग्रणी हो रहा है,परन्तु वनों के आकलन के आधार पर यूएन की सूची में भारत विश्व में आठवें क्रम पर है। मात्र २३ प्रतिशत वन भारत में शेष … Read more

शिक्षिका का मातृत्व रूप

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… रोज सुबह चाय का प्याला लेकर अखबार पढ़ना प्रतिभा की आदत है। आज भी रोज की तरह अखबार पढ़ने बैठी ही थी,कि दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। वह उठकर दरवाजे तक गई,तो देखा एक व्यक्ति फूलों का गुलदस्ता लिए खड़ा है। प्रतिभा को देखते ही बोला-“मैडम … Read more

किसे सुनाए ? सुने कौन ?

कैलाश मंडलोई ‘कदंब’ रायबिड़पुरा(मध्यप्रदेश) *********************************************************** जन की दारुण कथा व्यथा, किसे सुनाए ? सुने कौन? जिम्मेदार जो जन है इसके, देखो साधे बैठे मौन ? जीर्ण-शीर्ण-सा सूखा तन। पेट भूखा है विकल मन॥ न मंदिर न कोई शिवाला। भूखे को बस मिले निवाला॥ प्रश्न खड़े अनगिनत मौन। शोषित रुदन सुनता कौन॥ किसे सुनाए ? सुने … Read more

सूरज के तेवर

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज मेरी मुलाकात सूरज से हुई, जब अर्घ्य देने छत पर गई। मैंने रवि की तरफ देख पूछा- इतने गर्म क्यों हो रहे हो ? अभी तो सुबह के सात ही बजे हैं, वो बोला मैं तो सदा से ऐसा ही हूँ मेरा समय और गर्मी के तेवर निश्चित हैंl ये … Read more

धरती को बुखार से बचाएं

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… कितना अजीब लगता है ये शीर्षक पढ़कर-‘धरती का बुखार’ ? जब हमारे शरीर का तापमान बढ़ता है तो हम उसे बुखार कहते हैं,उसी प्रकार धरती का तापमान बढ़ता है तो उसे धरती का बुखार कह सकते हैं। पृथ्वी के इस बढ़े हुए तापमान को विश्व तपन … Read more

साहित्य सेवा के लिए व्याख्याता डॉ.मंडलोई सम्मानित

झाबुआ(म.प्र.)। भारत की प्रथम शिक्षिका वंदनीय सावित्रीबाई फुले के स्मृति दिवस पर झाबुआ में अखिल भारतीय मातृशक्ति सम्मान समारोह किया गया। राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना एवं झाबुआ की साहित्यिक-समाजसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वाधान में इस समारोह में मुख्य अतिथि मुंबई की डॉ.सुवर्णा यादव रहीं। अध्यक्षता संचेतना के अध्यक्ष डॉ.प्रभु चौधरी ने की। विशेष अतिथि पश्चिम बंगाल … Read more

ड्यूटी

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… “जोशी मैडम,आपकी ड्यूटी कहाँ लगी है ? शुक्ला मैडम ने पूछा। “हातौद के विद्यालय में।” उन्होंने जवाब दिया। “शुक्ला मैडम आपकी ड्यूटी कहाँ लगी है ?” “मेरी ड्यूटी गौतमपुरा के विद्यालय में लगी है। चलो शर्मा मैडम से पूछते हैं,उनकी ड्यूटी कहाँ लगी है।” दोनों शर्मा … Read more