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तुम्हारे बगैर…

मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा(राजस्थान)
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तुम्हारे बगैर कुछ भी,
मन नहीं लगता है
तन उदास-उदास रहता,
कुछ भी अच्छा
नहीं लगता है।
दिल बेचैन है,
मासूम-सा चेहरा
निराश,निराश रहता है।
तुम्हारी याद हर पल,
बहुत आती है
तड़पता है दिल रोता है,
बगैर तुम्हारे सब
अकेलापन लगता है।
तुम्हारी सोच में ख़ोया,
ये मन रहता है
ये दिल बार-बार,
तुम्हें याद करता है।
तुम्हारे बगैर कुछ भी,
अच्छा नहीं लगता है॥

परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैL वर्तमान में आपका बसेरा गांव सिडियास (जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) हैL यही स्थाई पता भी है। स्नातक(कला)तक शिक्षित होकर व्यवसायी का कार्यक्षेत्र है। इनकी लेखन विधा-कविता,दोहे,मुक्तक है। इनकी रचनाओं का प्रकाशन-राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में जारी है। एक प्रतियोगिता में सांत्वना सम्मान-पत्र मिला है। मोहित जागेटिया ब्लॉग पर भी लिखते हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-समाज की विसंगतियों को बताना और मिटाना है। रुचि-कविता लिखना है।

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