कुल पृष्ठ दर्शन : 2

खुशी से हर चेहरा गुलज़ार होना चाहिए

डॉ. श्राबनी चक्रवर्ती
बिलासपुर (छतीसगढ़)
************************************************

ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)….

मैंने ज़िंदगी में दोस्त नहीं ढूंढे,
वो खुद-ब-खुद कब आए
दोस्ती का सबब देकर,
मेरी खुशनसीबी की दुनिया बसा गए।

दोस्ती करना आसान हो सकता है,
मगर निभाना सबके बस की बात नहीं
अच्छे-अच्छों को मुकरते देखा है,
दिल के अंदर सच्ची भावना होनी चाहिए।

दोस्ती में उम्र का कोई हिसाब नहीं,
जब भी हो बेहिसाब होना चाहिए
कब, कैसे, कहाँ हो जाए-किसे पता ?
नर हो या नारी, ऐतबार होना चाहिए।

जीवन में एक ऐसा दोस्त होना चाहिए,
हर दिन भले ही वो मिल ना पाए
ना ही कर सके गुफ्तगू हमेशा,
जब भी मिले खुशमिजाज होना चाहिए।

दोस्ती में गिले-शिकवे हों गर,
समझना-समझाना क्यों पड़े ?
जब चाय पर बैठे दोस्तों के साथ,
खुशी से हर चेहरा गुलज़ार होना चाहिए॥