मुम्बई (महाराष्ट्र)।
मणिबेन नानावटी महिला महाविद्यालय, (मुम्बई), नव भारत निर्माण समिति और बनारस लिट फेस्ट का संयुक्त कार्यक्रम ‘मुंबई और बनारस’ नानावटी महिला महाविद्यालय में हुआ। इसमें साहित्य, संगीत, संस्कृति, कला, पत्रकारिता और समाज के माध्यम से मुंबई और बनारस के गहरे संबंधों को प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में मुम्बई, ठाणे, बनारस, दिल्ली, पुणे, बिलासपुर, शिमला तथा अन्य शहरों से प्रसिद्ध लेखक, कवि, पत्रकार, कलाकार, संगीतकार और अन्य प्रतिष्ठित विभूतियाँ शामिल हुईं। कार्यक्रम में ‘बनारस और मुंबई:संस्कृति, साहित्य और जीवन का अंतर-संबंध’, ‘सिनेमा:समाज, साहित्य और संस्कृति की चुनौतियाँ’ तथा ‘पत्रकारिता, लोकतंत्र और बदलती मीडिया संस्कृति’ आदि विषयों पर चर्चा हुई। इन सत्रों में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सूर्यबाला, डॉ. शीतला प्रसाद दुबे, प्रेम शुक्ल, हरीश पाठक, भुवेन्द्र त्यागी, जितेंद्र दीक्षित एवं श्रीमती कमलेश पाठक आदि ने विचार व्यक्त किए।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पद्मश्री सोमा घोष ने मधुर वाणी में गणपति सहस्रार्चन के पाठ से वातावरण को ऊर्जस्वित कर दिया। बनारस लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजक बृजेश सिंह ने इस उत्सव के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संतोष सिंह ने स्वागत किया।
महाविद्यालय की न्यासी हिमाद्री नानावटी ने आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उद्घाटन में अमरजीत मिश्र एवं प्राचार्या डॉ. राजश्री त्रिवेदी ने भी विचार व्यक्त किए। मुशायरा एवं कवि सम्मेलन, ओपन माइक आदि ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया। स्थानीय संयोजन संतोष सिंह, एवं रवींद्र कात्यायन ने किया।
कार्यक्रम का संचालन श्वेता पड्डा ने किया।