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गाओ मिलकर भारत का जयगान

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,
हैदराबाद (तेलंगाना)
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आजादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)…

गाओ मिलकर भारत का जयगान,
प्यारा-प्यारा अपना हिंदुस्तान।
लहराए तिरंगा, बढ़े देश की शान,
गर्व से बोलो—मेरा भारत महान॥

हिमगिरि जिसका ऊँचा माथा,
गंगा जिसकी निर्मल धारा,
खेतों में हरियाली हँसे,
खुशियों से भर जाए जग सारा।

वीरों ने दी अपनी कुर्बानी,
तब आई आज़ादी सुहानी,
उनके बलिदान को शीश नवाएँ,
गाएँ भारत की अमर कहानी।

गाओ मिलकर भारत का जयगान,
प्यारा-प्यारा अपना हिंदुस्तान।
लहराए तिरंगा, बढ़े देश की शान,
गर्व से बोलो—मेरा भारत महान॥रंग अनेक, पर दिल हैं एक,
भारत सबसे सुंदर देश।
भाषा अलग, वेश भी अलग,
फिर भी अपना एक ही भेष।

सत्य, सेवा, प्रेम अपनाएँ,
मिलकर देश को आगे बढ़ाएँ,
तिरंगे की ऊँची शान रखें,
भारत का सम्मान बढ़ाएँ।

गाओ मिलकर भारत का जयगान,
प्यारा-प्यारा अपना हिंदुस्तान।
लहराए तिरंगा, बढ़े देश की शान,
गर्व से बोलो—मेरा भारत महान॥

परिचय – कवि व अनुवादक कमलेकर नागेश्वर राव का साहित्यिक उपनाम ‘कमल’ है। आप सरकारी अध्यापक (हिंदी) ने रूप में जिला नागर कर्नूल के वेल्दंडा में कार्यरत हैं। तेलंगाना राज्य के रंगा रेड्डी जिले में निवासरत ‘कमल’ की तेलुगू और हिंदी के  समाचार पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ व विशेष आलेख प्रकाशित होते रहते हैं। इनको श्री श्री कला वेदिका राजमंड्री वालों से ‘साहिती मित्रा’ पुरस्कार, आदित्य संस्कृति (मप्र) से ‘हिंदी सेवी’ तथा डाॅ.सीता किशोर खरे स्मारक साहित्य पुरस्कार आदि मिले हैं।