सोनीपत (हरियाणा)।
नन्हें सृजनकारों की काव्य प्रतिभा और वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति से इस बार भावपूर्ण साहित्यिक उत्सव उल्लास बिखेर गया। २५१वीं कल्पकथा साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी –बाल सृजनकार विशेष अत्यंत साहित्यिक गरिमा के मध्य हुई। इस विशेष आयोजन में बाल प्रतिभाओं की मधुर अभिव्यक्तियों ने पूरे वातावरण को बाल-सुलभ रचनात्मकता से आलोकित कर दिया।
संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह के अनुसार प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बाल एवं वरिष्ठ साहित्यकारों ने अपनी काव्य प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा प्रस्तुत संगीतमय गुरु वंदना से हुआ। अध्यक्षता मेधावी बाल प्रतिभा व कक्षा ९ की छात्रा कु. पाखी जैन ने गरिमापूर्वक की। मुख्य अतिथि का दायित्व कक्षा ७ की विद्यार्थी कु. अनन्या शर्मा द्वारा निभाया गया। प्रथम चरण में बाल साहित्यकारों ने अपनी अनुपम रचनाओं का पाठ किया। इनमें अद्विका द्विवेदी, आरुष शर्मा, मन्नत ग्रोवर, आयषी चौधरी, गौरवी जैन, कार्वी श्रीवास्तव, आदित्य मंजवानी, अम्बरीश मिश्र, मिहु अग्रवाल, अविनाश सेमवाल, अनुष्का सेमवाल, पाखी जैन ने बाल-सुलभ कल्पनाशीलता, भावप्रवणता और सहज अभिव्यक्ति से मंत्रमुग्ध कर दिया।
द्वितीय चरण में वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की। इसमें पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, मंगल जैन, डॉ. अंजू सेमवाल, श्रीमती शोभा प्रसाद, बिनोद कुमार पाण्डेय, भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’, राधाश्री शर्मा व पवनेश मिश्र आदि ने काव्य पाठ कर भाव-विभोर कर दिया।
दर्शक दीर्घा में उपस्थित कीर्ति त्यागी, जितेंद्र शास्त्री व मेघा अग्रवाल आदि साहित्यप्रेमियों ने सभी प्रस्तुतियों का हृदय से स्वागत किया।
अत्यंत सुरुचिपूर्ण संचालन कवि भास्कर सिंह ‘माणिक ने किया। समापन अवसर पर संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।