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तेरी याद

मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा(राजस्थान)
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जब जब तेरी याद आती है,
मन ही नहीं तन भी रोता है।
जब भी तू दूर जाती है तो,
ये मन भी अकेला होता है॥

तेरी यादों के संग ये दिल,
हर पल तेरे साथ चलता है।
आज पास नहीं तू मेरे तो,
ये मन तेरे संग रहता है॥

जब-जब तेरी याद आती,
ये आँखें समंदर बन जाती।
जब भी तू दिल से दूर जाती,
मुझे तेरी याद बहुत आती॥

तेरे ख्वाबों में आज रहता,
तुममें हर वक्त खो जाता हूँ।
तेरे दिल के पास आकर अब,
मैं तेरे नाम हो जाता हूँ॥

विरह की वेदना अब हर वक्त,
तेरी याद से तड़पाती है।
आँखों से नदिया निकलती है,
जब-जब तेरी याद आती है।।

परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैl वर्तमान में आपका बसेरा गांव सिडियास (जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) हैl यही स्थाई पता भी है। स्नातक(कला)तक शिक्षित होकर व्यवसायी का कार्यक्षेत्र है। इनकी लेखन विधा-कविता,दोहे,मुक्तक है। इनकी रचनाओं का प्रकाशन-राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में जारी है। एक प्रतियोगिता में सांत्वना सम्मान-पत्र मिला है। मोहित जागेटिया ब्लॉग पर भी लिखते हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-समाज की विसंगतियों को बताना और मिटाना है। रुचि-कविता लिखना है।