Visitors Views 217

मिल गया धोखा प्यार में

अनिल कसेर ‘उजाला’ 
राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)
************************************

वो ढूंढता रहा दरों-बाज़ार में,
मैं खड़ा रहा उसके दरबार में।

मन्नत ख़ुशी की गए थे मांगने,
मिल गया धोखा हमें प्यार में।

बरसती रही बरखा रात भर,
हम बह गए आँसू की धार में।

वो लूटते रहे हमदर्द बन कर,
हम बंधे रहे रिश्तों के तार में।

जो बात करते रहे उजालों की,
वो ही छोड़ गए हमें अंधकार में।

इश्क दुनिया में रहेगा कैसे जिंदा,
चुनवा दिए हो जब उसे दीवार में।

‘अनिल’ के बिन साँसें कैसे चलेंगी,
ज़हर घोल दिए हो जब संसार में॥

परिचय –अनिल कसेर का निवास छतीसगढ़ के जिला-राजनांदगांव में है। आपका साहित्यिक उपनाम-उजाला है। १० सितम्बर १९७३ को डोंगरगांव (राजनांदगांव)में जन्मे श्री कसेर को हिन्दी,अंग्रेजी और उर्दू भाषा आती है। शिक्षा एम.ए.(हिन्दी)तथा पीजीडीसीए है। कार्यक्षेत्र-स्वयं का व्यवसाय है। इनकी लेखन विधा-कविता,लघुकथा,गीत और ग़ज़ल है। कुछ रचनाएं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-सच्चाई को उजागर करके कठिनाइयों से लड़ना और हिम्मत देने की कोशिश है। प्रेरणापुंज-देशप्रेम व परिवार है। सबके लिए संदेश-जो भी लिखें,सच्चाई लिखें। श्री कसेर की विशेषज्ञता-बोलचाल की भाषा व सरल हिन्दी में लिखना है।