हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
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अहिंसा का पुजारी (गांधी जयंती विशेष)…
अहिंसा के पुजारी, विश्व के महात्मा,
भाईचारे, सत्य, अहिंसा व एकता के सूत्रधार
उनका जीवन ‘खुलीं’ किताब ही रहा,
वह थे ‘अहिंसा’ के पुजारी महात्मा गांधी…।
वह सही में ‘सादगी’ से जिए,
जीवन के हर एक उतार-चढ़ाव सहे उन्होंने कड़वे घूंट पिए,
बड़े चले, डरे नहीं, रुके भी नहीं,
तभी तो उन्हें हम ‘अहिंसा’ का पुजारी कहते हैं…।
अंग्रेजों से लोहा लिया, खादी पहनकर महात्मा ने,
सत्याग्रह-उपवास की ताकत से अपनी बात कहने वाले
युवा पीढ़ी को भारत के करीब लाने वाले,
वह ‘अहिंसा’ के पुजारी महात्मा गांधी…।
राष्ट्रपिता है वह हमारे भारत के,
जो सच्चे सपूत बन देशहित में आगे रहे।
पूरा जीवन ‘देश’ के नाम पर किया,
वह थे ‘अहिंसा’ के पुजारी महात्मा गांधी…॥