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कैलेण्डर वर्ष २०२४ के पाण्डुलिपि अनुदान जारी

भोपाल (मप्र)।

साहित्य अकादमी (मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग) भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष २०२४ हेतु प्रदेश के लेखक की प्रथम कृति के प्रकाशनार्थ श्रेष्ठ पाण्डुलिपियों की घोषणा कर दी गई है। प्रति पाण्डुलिपि बीस हजार ₹ की सहायता अनुदान प्रतिवर्ष कुल ४० पाण्डुलिपियों को इस बार भी दिया जाएगा।
   अकादमी के निदेशक डाॅ. विकास दवे ने बताया कि प्रदेश के लेखक की प्रथम कृति प्रकाशन योजना के अंतर्गत-निर्लेश तिवारी-इंदौर, कीर्ति सिंह-भोपाल, मीतू चतुर्वेदी परमार-रतलाम, अनुप्रणव मनमोहन उपाध्याय-उज्जैन, के.पी.एस.चौहान-इंदौर, बीना दुबे-नर्मदापुरम, व्याप्ति उमड़ेकर-ग्वालियर, मेघा मैथिल-भोपाल, डाॅ. मनमोहन प्रकाश श्रीवास्तव-इंदौर, प्रदीप औदिच्य-गुना, राखी जैन-इंदौर एवं अर्चना दिशा मिश्रा-भोपाल की पांडुलिपि चयनित की गईं है। ऐसे ही सुभाष चन्द्र सिटोके-हरदा, हरिसिंह परिहार पतंग-नरसिंहगढ़, अजय जैन ‘विकल्प’-इंदौर, दिनकर पाठक-सीधी, रामकृष्ण द्विवेदी-रीवा, राहुल कुम्भकार-ब्यावरा, ललित कुमार पाण्डेय-रीवा, आदित्य हरि गुप्ता-सीहोर, धर्मपाल सोनी मधुकर-ग्वालियर, संदीप कुमार परिहार-भोपाल, डाॅ. खुशबू पांचाल-उज्जैन, सरफराज हसन-भोपाल, श्रद्धा सिंह यादव-भोपाल, अभिषेक द्विवेदी-रीवा, श्याम बिहारी सरल-शिवपुरी, सत्यदेव सोनी-भोपाल, निखिल पाटीदार-नरसिंहगढ़, राज कुमार बरुआ-भोपाल, अमन जादौन-शाजापुर, भावेश कानूनगो-देवास, मंजु जैन-देवास, कमलेश व्यास कमल-उज्जैन, ललिता श्रीवास्तव-इंदौर, राधिका रितेश मण्डलोई-इंदौर, स्नेहा त्रिपाठी-रीवा, सर्वेश खण्डेलवाल-इंदौर, सुदेश शांडिल्य-भोपाल एवं रुद्र प्रताप चौबे-उज्जैन की पांडुलिपि प्रकाशन सहायता अनुदान के लिए स्वीकृत हुई हैं।