सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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बच्चों के मन को अति भाता
प्रति-दिन वह कुछ नया सीखता,
तरण-ताल का दृश्य मनोरम
मन को उनके बहुत लुभाता।
बच्चों की टोली बन जाती
पानी के नित खेल सिखाती,
स्वास्थ्य सभी का अनुपम गहना
यह बच्चों को निडर बनाती।
तरण-ताल का नीला पानी
छप-छप बच्चों की मनमानी,
गर्मी से राहत मिलती है
मास्टर जी की सुनते वाणी।
मात-पिता को भी अति भाता,
उनका बच्चा सीख के आता।
घर आकर माँ को समझाता,
क्या क्या सीखा,यही बताता॥