ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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मेरा भारत मेरा गौरव, मेरा भारत महान है,
जिस पर मैं वारी जाऊँ, इसका अभिमान है।
यहाँ की नर्मदा, यहाँ की यमुना यहाँ की गंगा,
सबकी मान्यता पूजनीय माता के समान है।
यहाँ पर जन्में गांधी-नेहरू-तिलक- सुभाष जी,
भारत को आजादी दिलाई, पावन पर्व समान है।
आर्यावर्त भारत जम्बुदीप भारतखण्डे पाटलिपुत्र,
‘सोने की चिड़िया’ इंडिया हिमवर्ष हिन्दुस्तान है।
इसकी सीमाएं ऐसे है दक्षिण में हिन्द महासागर,
उत्तर पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान है
पूर्व में बंगाल की खाड़ी, म्यांमार में महासागर,
पश्चिम में इसके तो जी पाकिस्तान है।
इसके कुल अट्ठाइस राज्य, सात केंद्र शासित प्रदेश है,
सभी धर्मों के लोग यहाँ सिख-ईसाई-हिन्दु-मुसलमान है।
सुर कोकिला लता मंगेशकर, ताल दी रफी-किशोर ने
खेल में सचिन-सुनील-पी.टी. उषा, धनी टाटा-अम्बानी है।
अंतरिक्ष में कल्पना चावला, पर्वतारोही बछेन्द्री पाल,
प्रेमचंद-दिनकर-निराला-तुलसी- शुक्ल जी साहित्यकार थे।
विशाल हिमालय कैलाश, कंचनजंघा सतपुड़ा पर्वतमाला,
काराकोरम नीलगीरि अन्नामलाई इलायची पश्चिमी घाट है।
त्योहारों में होली-दशहरा-दीवाली- मकरसंक्रांति,
रक्षाबंधन-भैयादूज-करवाचौथ-ईद मुहर्रम बड़ा दिन है।
भाषा यहाँ की हिन्दी-बंगाली-उड़िया-तमिल-मराठी-मैथिली,
कन्नड़-ब्रज-तेलगु-भोजपुरी-संस्कृत-अवधी-मलयालम है।
लोग यहाँ के बड़ों का आदर करते, अतिथि भी भगवान है,
यहाँ राम-सीता, कृष्ण-राधा और सावित्री-सत्यवान है।
मिल-जुलकर सब प्यार से रहते, ईर्ष्या-द्वेष नहीं है,
एक-दूसरे का सम्मान करते, ऐसी ही तो कल्पना है।
मेरा भारत मेरा गौरव, मेरा भारत महान है,
जिस पर मैं वारी जाऊँ, मेरा ये अभिमान है॥