वसुधा से पहचान
अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)********************************************************************* वसुधा से है पहचान हमारी,धरती माँ है जान हमारी। जब तक जीवन चलता है,भरती साँसों में उड़ान हमारी। हरी-भरी हो धरती प्यारी,बढ़ जाती है शान हमारी। काटो न,तुम पेड़ लगाओ,होगी खुशियों की तान हमारी। नदिया,सागर और बांध सरोवर,जिंदगी को करते आसान हमारी। अन्न,जल और पवन से धरा में,मिलती जीवन को जगह हमारे। … Read more