सहते हुए उनके कहर

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** दावते महफ़िल में शामिल हो रहे हैं आप अगर,लफ़्जों के इन बाजीगरों से,रहना ना बेखबरl लजीज़ पेश करना भी तो है,एक हुनर इनका,इनकी असल जिंदगी पर भी रखें पैनी नज़र। यूँ तो जिंदगी नाम है चलते रहने का सुबहो-शाम,ये अलग बात है कि किस कदम की बने है खबरl यूँ तो … Read more

घाव बहुत गहरे हैं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** रोदन करती आज दिशाएं,मौसम पर पहरे हैं,अपनों ने जो सौंपे हैं वो,घाव बहुत गहरे हैं। बढ़ता जाता दर्द नित्य ही,संतापों का मेलाकहने को है भीड़,हक़ीक़त,में हर एक अकेला। रौनक तो अब शेष रही ना,बादल भी ठहरे हैं,अपनों ने जो सौंपे वो,घाव बहुत गहरे हैं॥ मायूसी है,बढ़ी हताशा,शुष्क हुआ हर मुखड़ाजिसका … Read more

कर गुज़र जाना है

क्षितिज जैनजयपुर(राजस्थान)********************************************************** मनोवांछित सिद्धि किसको है,मिली कभी मनुहारों से ?जीवन संग्राम गया जीता,कब मन के सुकुमारों से ? आती हुई आपदा को जो, सीना ठोक दिखाते हैं,बनकर ओझल निर्भीक हुए,क्रूर जगत की खाते हैं। जिनके लिये खड़ी पग-पग पर,यातना बड़ी भारी हैं,परिस्थितियों का खेल यह है,निशदिन रहता जारी है। उनमें भी जो दीन भाव भर,संतप्त … Read more

अब के पाठ पढ़ाना है…

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ********************************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… भारत और चीन के रिश्ते नहीं सुधरने वाले हैं,अबकी आर-पार कर देंगे हम सैनिक मतवाले हैं। नहीं समझ में आता इसको अब ढंग से समझाना है,कब तक चीनी विष घोलेंगे अब के पाठ पढ़ाना है। दुनिया ने समझाया इसको इसे समझ नहीं आना है,राज … Read more

भारत ने बुद्ध दिया,चीन ने बदले में युद्ध

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)********************************************************************* भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… भारत और चीन के सह अस्तित्व की भावनाएं बनाए रखने के लिए दोनों के लिए एक सामान्य नारा था-‘हिन्दी-चीनी भाई-भाई,जो भारत के प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और चीन के प्रधानमंत्री चाऊ-एन-लाई के बीच २९ अप्रैल १९५४ को हुए समझौते के अंतर्गत … Read more

चीनी,तुम जाओ सुधर

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) *********************************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… दोनों हैं घनी आबादी वाले देश,आपस में सटे इनके कई प्रदेश।दोनों के हैं भिन्न रूप,रंग व वेश,साथ ही उनके हैं विपरीत संदेश। कहता भारत-चीन है पड़ोसी मेरा,रिश्ता रहा इनसे सदैव से हरा-भरा।उनके व्यापार को खोलूं मैं बाज़ार,वह भी बढ़ाए मेरे हितों का संचार। … Read more

निजी विद्यालयों को नियंत्रित करे सरकार

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ********************************************************** दरअसल सरकारी विद्यालय असफल नहीं हुए हैं,बल्कि यह इसे चलाने वाली सरकारों,नौकरशाहों और नेताओं की असफलता हैl सरकारी विद्यालय प्रणाली की हालिया बदसूरती के लिए यही लोग जिम्मेवार हैं,जिन्होंने निजीकरण के नाम पर राज्य की महत्वपूर्ण सम्पति का सर्वनाश कर दिया हैl वैसे भी वो राज्य जल्द ही बर्बाद हो जाते हैं,या … Read more

मेरी लिपि मेरी शान,क्यों करूँ विदेशी का गुणगान पर हुआ चिंतन

राष्ट्रीय गोष्ठी मुंबई(महाराष्ट्र)l भारतीय भाषा मंच,वैश्विक हिंदी सम्मेलन एवं नागरी लिपि परिषद की ओर से राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन गूगल मीट पर किया गया। इसका विषय था-मेरी लिपि मेरी शान,क्यों करूं विदेशी का गुणगान। इसकी अध्यक्षता डॉ. विनोद बब्बर(सदस्य नागरी लिपि परिषद) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मोतीलाल गुप्ता(निदेशक-वैश्विक हिंदी सम्मेलन एवं … Read more

अब केवल शत्रु ही शत्रु रोएंगे

शशांक मिश्र ‘भारती’शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ****************************************************************** कभी इस सीमा कभी उस सीमा सैनिक कब तक खोएंगे, रोना था शत्रुपक्ष को पर हमारे घर-आँगन आँसू क्यों बोएंगे। हम सदा से पौरुषशाली,पराक्रम से विजय इतिहास रहा है- अनुनय-विनय बहुत कर ली,अब केवल शत्रु ही शत्रु रोएंगे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl २६ जून १९७३ में मुरछा(शाहजहांपुर,उप्र)में जन्में हैंl … Read more

अरुणिम मुख मुस्कान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************************************** खुशियों की पहचान वह,अधरों पर मुस्कान।जीवन जीने की कला,मानक नित सम्मानll सहयोगी संघर्ष की,साहस देती मुस्कान।स्वीकृति की नित मापिका,नव जीवन आधानll समरसता नित सूचिका,मौन मन्द मुस्कान।निशिचन्द्र की चाँदनी,सुखदा जीवन दानll राहत चाहत जिंदगी,सुख-दु:ख का प्रतिमान।सरला सहजा हर दशा,आलोकित मुस्कान॥ समाधान हर आपदा,शत्रुञ्जय ब्रह्मास्त्र।प्रीति रीति अस्मित अधर,दुर्जय है यह शस्त्र॥ … Read more