आज रहने दो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आज रहने दो अपरिचितआज रहने दो अकेले,बरस ले यह घिरा घन भीआर्द्र चितवन के ये मेले। फूटते उर के मृदुल स्वरआज सुधि नर्तन की आई,घुँघरूँओं की खनक सुननानूपुरों के मन को भाई। आवास भू अंचल मिलाराह तुम पाथेय खोलो,वेदना-जल, स्वप्न-शतदलजुगनुओं आ करके बोलो। प्राण हँस कर कह रहा है,अमरता के बीज बोना।बुझे … Read more

स्वर-दीप

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… गूँजती है जब भी कोई मधुर तान,याद आती है आशा की पहचानमहकते हैं सुर जैसे फूलों की तरह,बसती है जिनमें संगीत की जान। बहती हैं हवाएँ जब रागों में ढलकर,छू जाती हैं दिल को हल्के से पलकरसजती है हर धुन उनकी अदाओं … Read more

गूँजती रहेगी सुरों की ‘आशा’

ललित गर्गदिल्ली*********************************** ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… भारतीय संगीत का आकाश आज कुछ अधिक मौन, कुछ अधिक रिक्त प्रतीत होता है। स्वर की वह चंचल चिड़िया, जन-जन को चमत्कृत करने वाली आवाज जिसने दशकों तक हर हृदय में मधुरता के बीज बोए, आज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हो, … Read more

आँखों में बस एक ही सपना

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… मन में इच्छा आँखों में चमक,श्यामला रंग आँखों पर चश्मा कद था छोटा१४ अप्रैल १८९१ को जन्म लिया था, महार जाति का था,नाम था जिसका भीम सकपाल। भेदभाव, सामाजिक रीति-रिवाज,सबको बदलने चला था वह बच्चा महानना कोई पढ़ने देता उन्हें, पर वह न हारे,कर दृढ़ निश्चय किया, … Read more

बाबा साहेब तुम्हें प्रणाम

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती विशेष… माता श्रीमती भीमा बाई,पिता राम मालो सकपाल१४ अप्रैल १८९१ को,जिनके घर आया धरती का लाल। महू छावनी जन्म स्थल,अम्बा बाड़े जिनका ग्रामछुआ-छूत के लिए,जीवनभर किया संग्राम। पीएच-डी. कर अर्थशास्त्री बने,भारत का बढ़ाया मान‘बाबा साहेब’ डॉ. आम्बेडकर ने,देश-हित में किया संविधान निर्माण। गरीब असहाय के जीवन में,फूँके फिर … Read more

‘चेतना इंडिया’ द्वारा महिला विद्वान सम्मानित

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दिल्ली। रविवार को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में चेतना इंडिया संस्था द्वारा महिला कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्वागत इंडिया की अध्यक्ष श्रीमती चंद्रिका जोशी ने किया।इस सम्मेलन में चर्चित कवित्रियों मधुमोहिनी उपाध्याय, वंदना कुंवर रायजादा, गरिमा संजय व श्रीमती भवतारिणी के साथ-साथ संस्था की उपाध्यक्ष सुश्री मृगनयनी पांडेय ने अपनी … Read more

कल्याण करो हे! दया निधे

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** तुम दीन-दुःखी के रखवारे,कल्याण करो हे! दया निधेभव पार न कोई मुझे उबारे,सन्ताप हरो हे! दया निधे। तुम व्याप्त सकल हो अविनाशी,तुम परम पिता घट-घट वासीतेरी आस छोड़ कर जाऊँ कहाँ,विश्वास बनो हे! दयानिधे। तुम ही तो राम-रमैय्या हो,तुम ही तो कृष्ण-कन्हैया होअब व्याकुल हृदय रहे तुम बिन,उद्धार करो … Read more

रचनाओं से किया माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान

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पटियाला (पंजाब)। स्वाभिमान साहित्यिक मंच ने आभासी रूप से राष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन किया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान किया।इस कार्यक्रम का संयोजन नरेश कुमार आष्टा ने किया। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सिद्धेश्वर (पटना) ने की।दरबार में कई प्रतिष्ठित कवियों ने प्रस्तुतियां … Read more

राम के दास-हनुमान जी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* राम-दास हनुमान जी, करते नित कल्याण।जीवन सब कष्ट हर, मारें तीखे बाण॥ राम-दास हनुमत प्रखर, हर लेते हर पीर।बहुत गुणी थे मान्यवर, रहें सदा ही धीर॥ अंधकार का कर हरण, बाँटें नित आलोक।राम-दास हनुमान जी, नष्ट करें सब शोक॥ राम-दास हनुमान जी, सचमुच दयानिधान।भय, भूतों को मारकर, रखें सुरक्षित इन॥ राम-दास … Read more

समकालीन समय का सहज दस्तावेज है ‘एक बैंक मैनेजर की डायरी’

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विमोचन… इंदौर (मप्र)। यह कृति समकालीन समय का सहज दस्तावेज है। डायरी की शक्ल में लिखा उपन्यास बैंकिंग व्यवस्था और खामी का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण व्यक्त करता है, जिसमें लेखक दीपक गिरकर ने बैंकिंग राजनीति के आंतरिक परिवेश पर भी अपनी पैनी नजर रखी है। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शोभा जैन ने … Read more