हिन्दी हिन्दुस्तान की पहचान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मातृभाषा हिन्दी बहुल, विलसित देश-विदेश।लोकतंत्र जन भावना, समरसता संदेश॥ हिन्दी हिन्दुस्तान की, आजादी पहचान।सब जन सब हित जोड़ती, राष्ट्र भक्ति जय गान॥ वैज्ञानिक भाषा सहज, व्याकरणिक परिमार्य।राष्ट्र राजभाषा मधुर, बोधगम्य स्वीकार्य॥ हिन्दी में बोली विविध, संस्कृतियों का मेल।भारत संघी एकता, नवरस गुण गठमेल॥ अति विशाल हिन्दी परिधि, अनुपमेय साहित्य।गद्य-पद्य … Read more

मिलन संस्था ने किया प्रो. शरद नारायण-नीलम खरे को सम्मानित

मंडला (मप्र)। जबलपुर की ७५ वर्ष पुरानी संस्था मिलन स्थापना की हीरक जयंती मना रही है। इसी कड़ी में इसमें मंडला के समर्पित साहित्यकार दम्पति प्रो. शरद नारायण खरे व श्रीमती नीलम खरे को आमंत्रित कर समर्पित साहित्य सेवा के परिप्रेक्ष्य में स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र व मोती माल के साथ सम्मानित किया गया। इस … Read more

राजभाषा हिन्दी के प्रति प्रेम दर्शाती रचनाएं प्रस्तुत

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गाजियाबाद (उप्र)। अमित्र थिएटर (पटेल नगर, गाजियाबाद) के सभागार में १४ सितंबर की शाम को अखिल भारतीय साहित्य परिषद का मासिक काव्य समारोह ‘हिन्दी दिवस’ को समर्पित रहा। इसमें फिल्म उद्योग से जाने-माने ग़ज़लकार, गीतकार एवं लेखक डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ ने अध्यक्ष पद के दायित्व का निर्वहन किया।आयोजन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ ग़ज़लकार … Read more

श्रध्दा का मान हो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)…. वह हमारे पितृ, हमारे लिए सब कुछ हैं,उनकी आशाओं पर हम सटीक बैठेंयही अभिलाषा है हम सभी की,श्राद्ध दिन में श्रध्दा का मान हो…। उनका दुनिया से चले जाना,पर दुनिया में उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना हमारा फ़र्ज़ है हमारा धर्म है,श्राद्ध … Read more

सुरमयी संध्या तले

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* धीरे-धीरे संध्या बिल्ली के कदमों से कब जमीं पर उतर आई, पता ही नहीं चला। दूर पश्चिम की देहरी पर कुछ सिंदूरी बादल अभी भी रेंग रहे हैं। सूरज के पदचिन्ह संजोते क्षितिज अभी भी अपना रंग धारण किए हुए है। दूर-दूर तक फैली मक्का, बाजरा, सोयाबीन के विस्तीर्ण फैले खेतों … Read more

कल्पकथा परिवार ने ‘हिन्दी हैं हम’ काव्य गोष्ठी में किया हिन्दी वंदन

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा आयोजित ‘हिन्दी दिवस’ विशेष आभासी काव्य गोष्ठी में सभी साहित्यकारों ने हिन्दी भाषा के सम्मान में शाब्दिक हिन्दी वंदन किया। इस २१४वीं साप्ताहिक काव्य संध्या की अध्यक्षता वाराणसी से जुड़े विद्वान अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि रायपुर से प्रबुद्ध साहित्यकार प्रमोद पटले रहे।परिवार की … Read more

‘भारत रत्न’ डॉ.मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** ‘अभियंता दिवस’ विशेष… भारतीय मूल के प्रथम अभियंता डॉ. विश्वेश्वरैया की झाँकी भर लें,याद उन्हें भी कर लें, उनकी भी बातों पर अपने अंदर आहें भर लें। मैसूर के विलक्षण प्रतिभाशाली मोक्षगुंडम थे अनमोल,अंग्रेजों ने ही समझ लिया ऐसे अभियंता का मोल। पढ़ाई ऊँची-शिक्षा ग्रहण करने की बने उनके उसूल,चिकबल्लापुर … Read more

अपनी बोली हिन्दी

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उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** ‘हिंदी दिवस’ विशेष… हिंदू हैं हम हिन्दुस्तान की संतानें हैं,आओ बढ़ाएं कदम हम भारतीय हैंहिंदी का सम्मान सभी यहाँ करते हैंभारत की पहचान बनी भाषा हिंदी है। अलग-अलग है वेषभूषा हिंदी हमारी है,अनेकता में एकता से हिंदी तो हमारी हैजग में अपना परचम हिंदी ने फहराया,अपनी बोली हिंदी दिल में … Read more

फर्नीचर

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** “सक्सेना साहब! इन दिनों जब भी प्रोफेसर सुशील कुमार मिलते हैं तो घर जरूर बुलाते हैं।”“मुझे मालूम है कि वह क्यों बुला रहे हैं ?”“क्यों शर्मा जी…?”“… अभी उन्होंने ५०-६० लाख का नया फर्नीचर बनवाया है। वह उसी को दिखाने के लिए सभी को आमंत्रित किया करते हैं। मुझे भी … Read more

मेरे देश की शान है हिंदी

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* ‘हिन्दी दिवस’ विशेष… हिमालय की ऊँचाई में हिंदी,हिंद महासागर-सी गहराई है हिंदी। शिशुओं के मुख में शोभित हिंदी,प्यारी सखियों की बातों में हिंदी। कवियों की रचनाओं में सुघड़ रूप में हिंदी,सात सुरों में, गीत और संगीत में छाई है हिंदी। बोलचाल की भाषा हिंदी,मेरे राष्ट्र की भाषा हिंदी। लघु कथाओं में … Read more