पीपल की सेवा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वृक्षों में तरु श्रेष्ठतर, पीपल विष्णु निवास।भक्ति भाव पूजन करें, हो धन सुख यश पास॥ पीपल तरु पावन धरा, पूजें नित शनिवार।मिले सफलता ज़िंदगी, सब दुख से उद्धार॥ पीपल तरु सेवा सतत, हो कठिनाई दूर।दीप धूप जल अर्घ्य से, हों शनि मुदित जरूर॥ बरसे शनि की बहु कृपा, सकल … Read more

स्पर्धा में ३० नवम्बर तक भेजिए २ लघुकथा

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दिल्ली। कथादेश अखिल भारतीय हिन्दी लघुकथा प्रतियोगिता-१८ के लिए १ व्यक्ति द्वारा अधिकतम २ लघुकथा भेजी जा सकती हैं। लघुकथा भेजने की अंतिम तारीख ३० नवम्बर है।कथादेश से मिली जानकारी (७७०१९३८५२५) अनुसार इसमें प्रथम पुरस्कार ५ हजार ₹, द्वितीय ३ हजार ₹, तृतीय २ हजार ₹ एवं ७ अन्य पुरस्कार १ हजार ₹ (प्रत्येक) दिए … Read more

मैं हिंदी हूँ हिंदुस्तान की

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ ‘हिन्दी दिवस’ विशेष… मैं हिंदी हूँ हिंदुस्तान की,ब्रह्म के मुख का सार भी मैं हूँवेदों का अभिमान भी मैं हूँ,शिव के डमरू से निःश्रृतअविनाशी झंकार भी मैं हूँ,प्रकट होती मधुर गीतों में,भावों का अनुराग भी मैं हूँहाँ…मैं हिंदी हूँ हिंदुस्तान की। बिखरी हूँ मैं सकल भारत में,जन-जन की आवाज़ भी … Read more

संगोष्ठी और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम

आजमगढ़ (उप्र)। हिन्दी भाषा एवं साहित्य को समर्पित संस्था साहित्यनुरागी द्वारा हिंदी भाषा के उन्नयन, संवर्धन एवं प्रसार की श्रृंखला में इस वर्ष भी १३ सितंबर अर्थात ‘हिंदी दिवस’ की पूर्व संध्या को एच.एम.पी.एस. विद्यालय (करतालपुर बाईपास) के सभागार में संगोष्ठी और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम रखा गया है। इसके मुख्य अतिथि उप-महानिरीक्षक (पुलिस) सुनील कुमार … Read more

बरसात गई

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** बरसात गई,नदियों-तालाबों की झोलीपानी से भर गई,गर्मी तक का जीव जंतुओं कापोषण कर गई,किसानों की आँखों मेंखुशियों का नीर भर गई। इंद्रधनुष छुपा बादल में,उसे बस एक ही चिंता रहीउसकी परछाई कभी धरती के,दर्पण में आज तक नहीं दिख पाई। रंगों से इठलाता रहा,जब तक बरसात का साथ रहामयूर भी अब … Read more

देवतुल्य ये पितर हमारे

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)… अश्विन मास का पितृ-पक्षदेता है हम सबको ज्ञान,पितर हमारे धरा पर आतेआदर दे कर लो सम्मान। शुभ पावन तिथि जब आएतिल, चावल से कर लो तर्पणभूल-चूक जो हुई कभी होदान-पुण्य दे कर दो अर्पण। श्राद्ध सुगंधि सुवासित धरतीआशीषों की वृष्टि अपार,पितर हमारे देव-तुल्य सबचले गए … Read more

बंगलौर का सफ़र

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* “ट्रेन६ घंटे री-शेड्यूल हो गई”… का आईआरएसएमएस मैसेज देखकर थोड़ी कोफ्त हुई। ओह, अब बंगलौर सुबह छह बजे पहुंचेंगे। चलो ठीक है, मैंने खुद को दिलासा दिया,” वैसे भी बेटी का इंटरव्यू ११ बजे के बाद ही होगा”, पर छोटे शहर से बंगलौर जाने वाले युवा भी अन्य पॉइंट्स पर दुखी … Read more

कर्म का फल

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** अतिवृष्टि, हिमअंचल ढह रहे,क्या बयां करें, सब धुआं-धुआं हो रहेहिमनद मौन नहीं, तांडव ढा रहे,पिघल भयावह, दैत्य रूप धरे। पर्वत चट, सीना चीर दिखा रहे,सुनो हे मद स्वावलंबी मानवहस्तक्षेप, विधना क्यों कर रहे ?सीना छलनी कर, सिर धुन रहे। निर्लज्ज इंसान, हेय करणी कर रहे,फटती धरती जीवन निगल रहीदोषी-निर्दोष समभाव, … Read more

मेरी तलाश में

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* मेरे हबीब वो रहबर मेरी तलाश में हैं।मेरे करीब ही रहकर मेरी तलाश में हैं। थी एक चाह कि मैं बनता प्रेम का सागर,ना जानता था समंदर मेरी तलाश में है। मैं सोचता रहा दिखते वो किस तरह होंगे,वो खुशनसीब से मंजर मेरी तलाश में हैं। हो आपकी जो दुआ … Read more

मुकद्दर… क्यों रोता है ?

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** मिलता वही है हमें,जो मुकद्दर में लिखा होता हैफिर इंसान क्यों अपने,मुकद्दर पर रोता है। हमारे कर्मों से ही,हमारा मुकद्दर बनता हैअच्छा करने पर,हमें अच्छा ही मिलता है। जो हमारी किस्मत में लिखा हो,वो मुकद्दर कहलाता हैयह जन्म के समय,विधाता द्वारा लिखा जाता है। कभी किसी की लॉटरी लगती … Read more