मोर नाचे आँगना

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* पावस की ऋतु आई, बागों हरियाली छाई।टिप-टिप गिरे बूँदें, मोर नाचे आँगना॥ नदी में उफान आया, मन मेरा हरषाया।धरा तन भीग उठा, पूरी होती कामना॥ डगमग नाव चली, बहे नदी गली- गली।ठूंठ से फूटे कोपल, भाग्य सोये जागना॥ घटा घनघोर छाई, बिजली चमक आई।विरह के राग गूँजे, घर आओ साजना॥ … Read more

स्थापना दिवस मनाया, ६ पुस्तक विमोचित

hindi-bhashaa

धनबाद (झारखंड)। नवल विहान साहित्य कला-सांस्कृतिक मंच का द्वितीय वार्षिकोत्सव होटल आमंत्रण ग्रीन में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मनोज बरनवाल ‘अनजान’, महासचिव डॉ. मुकुंद रविदास एवं अनु अगम के कुशल संयोजन में हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. श्री राम दुबे व विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रो. के. विश्वास ने इस मौके पर ६ पुस्तकें विमोचित की।आयोजन में … Read more

सत्य को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करना चाहिए

hindi-bhashaa

संगोष्ठी संग लोकार्पण… गाजीपुर (उप्र)। डॉ. माधव कृष्ण और डॉ. शिखा तिवारी हिंदी साहित्य के निकट भविष्य में एक साहित्यकार दंपति के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएंगे। इस पुस्तक की निबंध कट्टरता और विवेक का उल्लेख करते हुए लेखक की स्थापना से सहमति है कि कट्टरता का प्रतिरोध होना चाहिए और सत्य को संस्थाबद्ध … Read more

अमेरिका में बही गंगा-जमुनी मुशायरे की धारा

hindi-bhashaa

मैरीलैंड (अमेरिका)। मैरीलैंड के भव्य सभागार में शनिवार को गीत, ग़ज़ल, कविता और नज़्मों की बहार छाई। इसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार हरीश नवल ने की।अलीगढ़ एल्युमिनी एसो. के तत्वावधान में इसमें २३ रचनाकारों ने कुल ६५ रचनाओं का पाठ किया।अध्यक्ष ने कहा कि पहली बार किसी मुशायरे में हिंदी और उर्दू की इतनी रचनाओं को … Read more

तो तुम्हें शून्यता…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* जो भी गड़बड़ी है जीवन में,उसे धीरे-धीरे सुलझाएंजो भी बुरा है आसपास में,उसे धीरे-धीरे सुलझाएंजो भी दुख से भारी हो,उसे धीरे-धीरे नीचे रखेंजो भी लंबित कार्य है,उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा करें। जो कठिन है, पहले उसे करें,वह आसान हो जाएगाजो आसान है उसे भी करें,उसमें लापरवाही नादानी होगी। जो भी … Read more

ऐसी चोट जरूरी है…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मार देता मैं भी,वहाँ चोटउस कील पर,पर मैं इतना करना सका,लोगों ने मुझसे कहा-ऐसी चोट जरूरी है। जमाने में बहुत,लोग ऐसे हैंजो सीधी बातनहीं समझते हैं,इसी लिए उन परऐसी चोट जरूरी है। शहर हो गाँव हो,मतलबी लोग मिलही जातें हैंउनके मुँह में राम,और बगल में छुरी होती हैदेखो भाई,जब जनता … Read more

हिंदी प्रेमियों की काव्य धारा के बीच होगा ‘प्रवाह’ का विमोचन

hindi-bhashaa

जबलपुर (मप्र)। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा १३-१४ सितंबर को दिल्ली में हिंदी सम्मेलन व राष्ट्रभाषा अभिव्यक्ति सभा के माध्यम से हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जारी अभियान के तहत विभिन्न आयोजन कर रही है। सम्मेलन में डॉ. कालिन्दी बृजेश त्रिपाठी की किताब ‘प्रवाह’ विमोचित की जाएगी।सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि आयोजन … Read more

विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय काव्य लेखन प्रतियोगिता

hindi-bhashaa

कल्याण (महाराष्ट्र)। के.एम. अग्रवाल महाविद्यालय (कल्याण) द्वारा ‘हिन्दी महोत्सव २०२५’ के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए १७ सितम्बर तक गूगल आवेदन से अपनी २ कविता भेज सकते हैं।संयोजक डॉ. मनीष कुमार मिश्रा के अनुसार विद्यार्थियों की रचनात्मकता को वैश्विक मंच देने हेतु इसमें स्नातक, परास्नातक और शोध … Read more

समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं उत्सव- ‘स्वाति’

काव्य गोष्ठी… सोनीपत (हरियाणा)। उत्सव और पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत है जो समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा है।मुख्य अतिथि संपत्ति चौरे ‘स्वाति’ ने यह बात २१३वीं कल्पकथा काव्य गोष्ठी में कही। कल्पकथा साहित्य संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि माह के प्रथम … Read more

झूम रही डाली-डाली

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* आये मेघ काले-काले, बड़े हैं ये मतवाले।झूम रही डाली-डाली, देख हरषाइये॥ चहुँ और हरियाली, कोयल बोले है काली।मगन मन ये नाचे, भीग-भीग जाइये॥ खुशियों से झूम जाये, प्रेम सुधा बरसाये।बादलों से प्रतीति की, रीत तो निभाइये॥ सुधा रस बरसे है, मिलन को तरसे हैं।आज प्रियतम मेरे, घर पर आइये॥ परिचय- डॉ. … Read more