‘रोटी’ कमाल

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* ‘रोटी’ शब्द खुद में कमाल,काम इसका बेमिसालबनती है तपती आग में,पर शांत करे क्षुधा की ज्वाल। रूप है इसका गोल-गोल,आंका न जाए इसका मोलकभी मोटी कभी पतली बनती,भारत की थाली में सजती। बस भूख का रिश्ता समझे रोटी,घी में तर कभी सूखी रोटीसुखी वही है इस दुनिया में,जिसे मिले ‘दो जून की … Read more

युवा साहित्यकारों से प्रविष्टियाँ अपेक्षित, अंतिम अवसर

लखनऊ (उप्र)। भाऊराव देवरस सेवा न्यास (लखनऊ) ३० वर्षों से विभिन्न विधाओं के युवा साहित्यकारों को ‘पं. प्रताप नारायण मिश्र स्मृति युवा साहित्यकार सम्मान’ देता आया है। इसी क्रम में इस वर्ष भी १० सितम्बर तक प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं।  संयोजक प्रो. विजय कुमार कर्ण(८८८७६७१००४) ने बताया कि १ अगस्त २०२५ को रचनाकार की आयु ४० … Read more

उपन्यास ‘एक यात्रा’ और कहानी संग्रह ‘क्रौंच पक्षी’ लोकार्पित

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बेंगलुरु (कर्नाटक)। साहित्य साधक मंच द्वारा साहित्यकार ज्ञानचंद मर्मज्ञ की अध्यक्षता और मेरठ के चर्चित व्यंग्यकार विनय नोक के मुख्य आतिथ्य में संस्था के मासिक सारस्वत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें उपन्यास ‘एक यात्रा’ और कहानी संग्रह ‘क्रौंच पक्षी’ का लोकार्पण हुआ।विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार बी.एस. प्रणतार्तिहरण, व्यंग्यकार विनोद कुमार … Read more

प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियाँ ३१ दिसम्बर तक आमंत्रित

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इंदौर (मप्र)। पत्रिका ‘देवपुत्र’ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता एवं पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियाँ ३१ दिसम्बर २०२५ तक आमंत्रित हैं। केवल १ प्रविष्टि ही अपेक्षित है।सम्पादक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी प्रतियोगिताओं के लिए सामान्य नियम है कि प्रविष्टि पर प्रतियोगिता, पुरस्कार का नाम अपना पूरा नाम, पता, पिनकोड एवं व्हाट्सएप नम्बर अवश्य लिखें। प्रविष्टि … Read more

बाढ़ बनी कहर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बरसाती मौसम कहर, ढाया है आषाढ़।भारत चहुँ सागर बना, सर्व विनाशी बाढ़॥ धन जन पशु घर सब बहे, भीषण जल सैलाब।आहत राहत याचना, जनता है बेताब॥ बाढ़-आंधियाँ साथ में, बिजली का आघात।जान माल बलि ले गई, निर्मम यह बरसात॥ कहीं मेघ वरदान है, कहीं बाढ़ बन काल।बही प्रजा जलधार … Read more

मुक़म्मल कहाँ हुई ज़िंदगी किसी की…

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* नई सुबह कहाँ हुई,ज़िंदगी में किसी कीरात भर जो सोते रहे,कल के इंतजार में। तमन्ना पूरी कब हुई,सब कुछ पा लेने कीनींद में सपने देखते रहे,हकीकत की फिक्र छोड़। ख्वाब कब पूरे हुए,यथार्थ की राह परज़िंदगी बहुत जटिल रही,कठिन डगर पर। प्रेम के धागे उलझे रहे,प्रीत की डगर परसुलझे कैसे फिर … Read more

हमारे पित्तर, हमारे पूर्वज

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उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** श्राद्ध, श्रध्दा और हम (पितृपक्ष विशेष)… श्रध्दा भाव से आवाहन करके आओ इन्हें बुलाएँ हम,श्रध्दा भक्ति से सुमिरन करके इनको आज रिझाए हम…। जो कभी छोड़कर हमको घर से विदा हुए थे कभी,पितर पक्ष में उन सबको पुनः अपने घर बुलाएँ हम…। लोगों की दृष्टि से वो सब हमें संसार … Read more

प्रकृति की नाराजगी समझिए, वरना…

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** प्रकृति अपनी उदारता में जितनी समृद्ध है, अपनी प्रतिशोधी प्रवृत्ति में उतनी ही कठोर है। जब तक मनुष्य उसके साथ ताल-मेल में रहता है, तब तक वह जल, जंगल और जमीन के रूप में वरदान देती है, लेकिन जैसे ही मनुष्य अपनी स्वार्थपूर्ण महत्वाकांक्षाओं और तथाकथित आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में … Read more

हिंदी दिवस के अंतर्गत हिंदी पखवाड़ा शुरू, विजेता पुरस्कृत

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इंदौर (मप्र)। भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर में ६ सितम्बर को हिंदी पखवाड़े के साथ ही हिंदी दिवस का आयोजन गरिमामय वातावरण में शुरू हुआ। उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘हिंदी पत्रकारिता चुनौतियाँ और अवसर’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा … Read more

गणेशोत्सव में किया नाट्य का प्रभावी मंचन, काव्य प्रस्तुति दी

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आगरा (उप्र)। महाराष्ट्र समाज, आगरा द्वारा आयोजित ३ दिवसीय गणेशोत्सव में दूसरे दिन भारतीय जन नाट्य संघ, आगरा ने दिलीप रघुवंशी के निर्देशन में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ ग्रांड होटल में दी। मुख्य अतिथि साहित्यकार अरुण डंग एवं रंगकर्मी व शिक्षाविद प्रोफेसर ज्योत्स्ना रघुवंशी रहे।सर्वप्रथम भगवान की आरती की गई। इसके बाद संघ ने नाट्य पितामह … Read more