वो मीठी-मीठी बातें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आती हैं याद अक्सर,अब वो पुरानी बातें।वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातें॥तुम मिली हो अँधेरे में रोशनी की तरह मुझे प्रिये।तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रिये॥आँखों में बस जाओ काजल की तरह आज प्रिये।दूर जाकर मत देना मुझे आज कोई भी दर्द प्रिये॥सुखे अधर हृदय बोझिल है, … Read more

लखनऊ में हुआ अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

hindi-bhashaa

लखनऊ (उप्र)। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती साहित्य समिति द्वारा संस्था संस्थापक डॉ. आरती दुबे (शुक्ला) के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन लखनऊ में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की धर्मपत्नी श्रीमती नम्रता पाठक रही।इस अवसर पर बाल कवयित्री मिहू अग्रवाल (नागपुर) को अंतराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। आयोजन में दुर्गेश त्रिपाठी, … Read more

रोटी का अपना मान

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ भूख में दो रोटीबहुत होती है,जब भी मिल जाएआत्मा ‘तृप्त’ कर देती है,रोटी का मोल जानो रे भाईइसे खाने दो हमको,चाय हो या दूध या फिर सब्जी, दालरोटी का अपना मान है। बचपन हो या बुढ़ापाचाय के साथ रोटी,चाहे ताजी हो या बासीरोटी का अपना मान है,भूख में तो सूखी … Read more

‘तीमारदारी’ मन का उपहार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रोगी मन जब टूटता, जग छूटे हर आधार,सेवा का कोमल स्पर्श दे जीवन विस्तारममता की छाया चुपचाप नवशक्ति भर देती,सूने जीवन-निकुंज पर फिर खिलती नव बहार। रात-रात भर जागकर, रखते दवा का ध्यान,चेहरे पर धीरज धरकर, बाँटे मधुरिम मानकरुणा भरे दो बोल सदैव संबल बन जाते,तीमारदारी प्रेम सुधा बन … Read more

युद्ध:हर कोई अड़ा

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ?… अपने हित साधन में कोईतानाशाह जिद पर अड़ा है,जगह-जगह पर युद्ध छिड़ा हैयूक्रेन से रूस भिड़ा है,चार वर्ष से लगातारयूक्रेन रूस में युद्ध छिड़ा है,मैं क्यों युद्ध विराम करूँ ?इस जिद पर हर कोई अड़ा है। वह युद्ध अभी थमा नहीं किनये युद्ध कई शुरु हो गए,अफगानिस्तान … Read more

युद्ध से हर ओर विघटन, शांति ही प्रगति

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* युद्ध व शांति-जरूरी क्या ?.. युद्ध एक विनाशकारी घटना है और इसका विपरीतार्थक शब्द शांति है। युद्ध विनाश, दु:ख और पीड़ा लाता है, जबकि शांति सुख, समृद्धि और विकास का मार्ग दिखाती है। युद्ध से मानवता को अपार क्षति होती है। यह मानवता को तार-तार कर देता है, जबकि शांति समाज … Read more

शांति की कामना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ? क्यों विनाशक शक्ति काउपयोग करता जा रहा,युद्ध का उन्माद यहप्रतिदिन ही बढ़ता जा रहा। क्यों ये उन्मादी कदमआगे बढ़ाता जा रहा,अपने हाथों ही प्रलय केबीज बोता जा रहा। विश्व जनमत को भी येअस्वीकार करता जा रहा,सभ्यता के नाम कासंहार करता जा रहा। प्राणी वहाँ भयभीतजलवायु प्रदूषित हो … Read more

तेरे आँसू मैं लेकर के तुझे मैं हास देता हूँ-प्रो. खरे

hindi-bhashaa

मंडला (मप्र))। काव्य सम्मेलन…. संस्था अभिनव काव्यांश मंच द्वारा आभासी रूप से कवि सम्मेलन का आयोजन लक्ष्मी शिमला शर्मा के संयोजन में किया गया। मंडला (मध्यप्रदेश) के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे की अध्यक्षता में यह हुआ।दीप्ति राजौरा के विशेष सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में सिद्धेश्वरी सराफ, रजनी कटारे, माधवी गम्भीर,अर्चना द्विवेदी और … Read more

बाजार में ईमान बेच रहा

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* पहले दिल की ज़ुबां को,बिन कहे नजरों से हीसमझ जाते थेप्रेम में ऐसी मौन प्रगाढ़ता होती थी। हर स्पर्श निष्कपट था,हर साँस में पवित्रता का,एहसास होता थामन से मन का जुड़ना,ऐसा रिश्ता होता था। कहाँ गए वो दिन,जब दिल ही मंदिर होता था ?जहाँ प्रेम की पूजा होती थी,और ईमान … Read more

डाक विभाग द्वारा राजभाषा हिन्दी की जान-बूझकर अनदेखी

सेवा में, माननीय गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक, केन्द्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुम्बई – ४००००१ विषय: डाक विभाग द्वारा नेट बैंकिंग सेवा में राजभाषा हिन्दी की जान-बूझकर की जा रही अनदेखी, भाषाई भेदभाव एवं पिछले ९ वर्षों की शिकायतों पर हठधर्मिता के विरुद्ध शिकायत। संदर्भ (विगत ९ वर्षों का संघर्ष): 🔹नवीनतम शिकायत: DPOST/E/२०२६/०००२२०४ … Read more