नजर कभी चाँद पर…
रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ ये चाँद किसने टांक दिया है आसमान पर।के रश्क़ आ रहा है मेरे सायबान पर। नज़र कभी चाँद पर कभी सनम पर जाती है,के प्यार आ रहा है इसी जानेजान पर। चाँदनी की ओढ़नी पर तारों का चमकना,जड़े हैं सुंदर सलमे सितारे अपनी शान पर। किसी के बेहद प्यार का करिश्मा है ये,कि … Read more