मनुष्य की जीवटता से डरता है एवरेस्ट भी…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************** दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई बढ़ने की खबर को किस रूप में लें,गौरव में या चिंता के रूप में ? गौरव इसलिए,क्योंकि पिछले दिनों यह कहा जा रहा था कि पर्वतराज एवरेस्ट की हैसियत कुछ घट गई है,लेकिन अब नेपाल और चीन ने अधिकृत तौर पर दावा किया … Read more

किसान बचें नेताओं से

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** किसान नेताओं को सरकार ने जो सुझाव भेजे हैं,वे काफी तर्कसंगत और व्यवहारिक हैं। किसानों के इस डर को बिल्कुल दूर कर दिया गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होने वाला है। वह खत्म नहीं होगा। सरकार इस संबंध में लिखित आश्वासन देगी। कुछ किसान नेता चाहते हैं कि इस मुद्दे … Read more

उच्च शिक्षा स्वभाषाओं में…असली मुद्दा आज भी जहां का तहां ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा की है कि उनका मंत्रालय उच्च शिक्षा में भारतीय भाषा के माध्यम को लाने की कोशिश करेगा। बच्चों की शिक्षा भारतीय भाषाओं या मातृभाषाओं के माध्यम से हो,यह तो नई शिक्षा-नीति में कहा गया है और कोठारी आयोग की रपट में भी इस नीति … Read more

जीवन में आध्यात्मिकता ज़रूरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** परिचय- डॉ.अरविन्द जैन का जन्म १४ मार्च १९५१ को हुआ है। वर्तमान में आप होशंगाबाद रोड भोपाल में रहते हैं। मध्यप्रदेश के राजाओं वाले शहर भोपाल निवासी डॉ.जैन की शिक्षा बीएएमएस(स्वर्ण पदक ) एम.ए.एम.एस. है। कार्य क्षेत्र में आप सेवानिवृत्त उप संचालक(आयुर्वेद)हैं। सामाजिक गतिविधियों में शाकाहार परिषद् के वर्ष १९८५ से संस्थापक हैं। साथ … Read more

चलो दिल्ली घेरें…

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ***************************************************** सबसे आसान काम है दिल्ली घेरना। जिसे देखो दिल्ली घेरने चला आता है। इन दिनों अन्नदाता भी दिल्ली घेरने के लिए चले आए हैं और कह रहे हैं कि वे अपनी मांगों के पूरी होने तक दिल्ली में डटे रहेंगे। डटे रहने तक लंगर का भी पूरा इंतजाम उनके पास है। … Read more

स्वप्न का विज्ञान

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** स्वप्न देखना बहुत आवश्यक है। साधारण बोलचाल की भाषा में तो किसी कार्ययोजना की कल्पना करना स्वप्न देखना है। जो स्वप्न नहीं देखता,वह अपने जीवन में प्रगति कर ही नहीं कर सकता। कार्य को मूर्त रूप देने के लिए पहले उस कार्य का स्वप्न देखना आवश्यक है। दूसरे तंद्रा में … Read more

सामाजिक दूरी ही बचाएगी हमें कोरोना से

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** कोरोना से पूरी दुनिया पीड़ित है और हमारे यहाँ संख्या ६ लाख तक पहुंच चुकी है,लेकिन अभी तक तमाम प्रयासों के बावजूद भी इसका कोई ठोस इलाज उपलब्ध नहीं हुआ है।हमारी सरकारें यानि केन्द्र के साथ राज्य सरकारों ने भी तालाबन्दी को खोल दिया है,जिसके चलते लोग घरों से बाहर निकलने … Read more

कैसे टिकेंगे ‘लव जिहाद’ रोधी कानून ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ************************************************** ‘लव ‍जिहाद’ मामले में विचित्र स्थिति बनती जा रही है। एक तरफ भाजपा सरकारें देश में लव जिहाद रोकने के लिए ऐलानिया तौर पर सख्त से सख्त कानून बनाए जा रही हैं,दूसरी तरफ ‘लव जिहाद’ के मामले अदालत में कमजोर(असफल)हो रहे हैं। गोया यह ‘लव जिहाद’ और अदालत के ‘लाॅ जिहाद’ में … Read more

सीढ़ियां चढ़ने का बड़ा फायदा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में मनुष्य अपने शरीर से पसीना नहीं निकालना चाहता है। इसके लिए वे पैसे खर्च करके और अलग से समय निकालकर जिम जाते हैं। आप दस मंजिला भवन में रहते हैं और उसमे लिफ्ट सुविधा है तो अपने को भाग्यशाली समझते हैं। इस कारण आपका आना-जाना सुगम और सरल हो जाता है,और … Read more

नेता और नौकरशाह: भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** ‘ट्रांसपेरेन्सी इन्टरनेशनल’ की ताजा रपट के अनुसार एशिया में सबसे अधिक भ्रष्टाचार यदि कहीं है तो वह भारत में है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इससे गंदा प्रमाण-पत्र क्या मिल सकता है ? इसका अर्थ क्या हुआ ? क्या यह नहीं कि भारत में लोकतंत्र या लोकशाही नहीं,नेताशाही और नौकरशाही है … Read more