धरती
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (विशेष चिन्ह ‘…..’ से प्रदर्शित शब्द धरती के पर्यायवाची हैं।) धारण करती है सदा,जल थल का संसार। जननी जैसे पालती,धरती जीवन धारll भूमि उर्वरा देश की,उपजे वीर सपूत। भारत माँ सम्मान हित,हो कुर्बान अकूतll पृथ्वी,पर्यावरण की,रक्षा कर इन्सान। बिगड़ेगा यदि संतुलन,जीवन खतरे जानll धरा हमारी मातु सम,हम है इसके लाल। रीत … Read more