गाँव की मिट्टी
संजय गुप्ता ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************************************** मिट्टी यही है गाँव की,सोने-सी अनमोल।कहते इसको माँ सभी,इसकी जय-जय बोल॥ सबको ये है पालती,इसको शीश लगाय।उपजाती धन धान्य है,धरती माँ कहलाय॥ इसकी सौंधी है महक,मन को लेती मोह।हरियाली चहुँओर है,ये अँखियों को सोह॥ खेले हैं जो गोद में,जी भरकर भरपूर।रिश्ता दिल से जो जुड़ा,कैसे जायें दूर॥ जब भी सावन माह … Read more