गाँव की मिट्टी

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************************************** मिट्टी यही है गाँव की,सोने-सी अनमोल।कहते इसको माँ सभी,इसकी जय-जय बोल॥ सबको ये है पालती,इसको शीश लगाय।उपजाती धन धान्य है,धरती माँ कहलाय॥ इसकी सौंधी है महक,मन को लेती मोह।हरियाली चहुँओर है,ये अँखियों को सोह॥ खेले हैं जो गोद में,जी भरकर भरपूर।रिश्ता दिल से जो जुड़ा,कैसे जायें दूर॥ जब भी सावन माह … Read more

रोटी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** रोटी की महिमा बड़ी,रोटी तो है ताप।रोटी तो वरदान है,रोटी तो है शाप॥ रोटी सचमुच है ख़ुदा,रोटी है संसार।रोटी से आनंद है,रोटी से ही सार॥ रोटी से हर पुण्य है,रोटी से सद्कर्म।रोटी तो ईमान है,रोटी तो है धर्म॥ रोटी इक तस्वीर है,रोटी है तक़दीर।रोटी की ख़ातिर झुके,महाबली औ ‘वीर॥ रोटी … Read more

गणपति

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************************* सिद्धि विनायक नाम है,सिद्ध करो प्रभु काजlनाम तुम्हारा जो जपे,करता जग में राजll दुखियों के दुख मेटिए,सुखकर्ता है नाम।आप विराजो गणपती,मम उर पावन धामll बुद्धि प्रदाता, गजबदन शंकरप्रिय विघ्नेश।दूर करो विपदा जगत, धूम्रवर्ण प्रथमेश ll ज्ञान चक्षु को खोलकर,देते अनुपम दृष्टि।योगाधिप शंकरसुवन,निर्भय करिए सृष्टिll शंकर के प्रिय लाल हो,और उमा हैं मात।रिद्धि-सिद्धि … Read more

समझ प्रकृति अपमान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ********************************************************************** मीत सुलभ नवनीत कहँ,चले मनुज दुर्नीति।तृष्णा अपरम्पार जग,दुर्लभ प्रकृति प्रीतिll शोक चिन्तना कवि सलभ,ध्रुव कोरोना आज।जब तक टीका न बने,पड़े काल की गाजll रहें गेह में संयमित,कोरोना के काल।आयुर्वेदिक चिकित्सा,रखे सभी खुशहालll मास्क बनाये घर स्वयं,लगा लगाएँ आप।बचे पित्त अरु कफ़ से,दूरी मेल मिलापll धोएँ साबुन हाथ को,दिन में … Read more

मानवता ही धर्म

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** मानवता तो धर्म है,जीवन का उजियार।बिन मानवता ज़िन्दगी,जैसे हो अँधियार॥ पशुवत हो इंसान तब,जब करुणा हो लुप्त।इंसानी जज़्बात बिन,जीवन सारा सुप्त॥ पूजा,स्तुति,वंदना,इनमें सीमित धूप।पर मानवता श्रेष्ठतम्,प्रभुसेवा का रूप॥ मानव यदि करने लगे,मानवता का काम।तब समझो यह ज़िन्दगी,कोई तीरथ धाम॥ बुध्द,यीशु देते सदा,मानवता-संदेश ।मदर टिरेसा दे गईं,मानवता-आवेश॥ परहित को जो साधता,बनता … Read more

बनो जगत आशा किरण

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************** चलें सदा सत्कर्म पथ,रखें ताज़गी जोश।धीर वीर साहस प्रबल,कभी न खोएँ होश॥ सदा नयापन सोच हो,दृढ़ता हो नित ध्येय।सच्चाई हो साथ में,मानवता हो गेय॥ रुकावटें टूटें सभी,हो कठिनाई दूर।स्वाभिमान सत्संग से,रच दो नव दस्तूर॥ यायावर नित सीढ़ियाँ,बने सदा संघर्ष।बने विवेकी मति रथी,न्याय विजय उत्कर्ष॥ करें प्रतीक्षा वक्त का,रच साँचा … Read more

करो भक्त कल्याण

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************************************ श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. जय गणेश जय गजवदन,कृपा सिंधु भगवान।मूषक वाहन दीजिये,ज्ञान बुद्धि वरदान॥ शिव नंदन गौरी तनय,प्रथम पूज्य गणराज।सकल अमंगल को हरो,पूरण हो हर काज॥ हाथ जोड़ विनती करूँ,देवों के सरताज।भव बाधा सब दूर हो,ऋद्धि-सिद्धि गणराज॥ मंगलकारी देव तुम,मंगल करो गणेश।जग वंदन तुम्हरे करें,काटो सबका क्लेश॥ गिरिजा पुत्र … Read more

सिद्धिविनायक गणपति

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ****************************************************************** श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. सिद्धिविनायक विश्वमुख,हे भूपति विघ्नेश।विघ्नविनाशक गजवदन,सबके काटो क्लेश॥ प्रथमपूज्य महागणपति,लंबोदर गणराज।एकदंत हे गौरिसुत,सकल सँवारो काज॥ बुद्धिविधाता विघ्नहर,क्षेमंकरी विशाल।कोटिसूर्य सम तेज है,देवादेव कृपाल॥ वक्रतुण्ड हे भुवनपति,चतुर्भुजा अवनीश।मूषकवाहन हे सुमुख,देवे सिद्धि कवीश॥ मंगलमूर्ति महाबली,सर्वात्मन गजराज।सिद्धिदाता हे गणपति,सभी सुधारो काज॥ प्रथमपूज्य महागणपति,महाबली गणराज।शिवनंदन हे गौरिसुत,सकल सँवारो काज॥ दाता रिद्धी-सिद्धि के,ईशानसुत … Read more

पंचदेव में पूज्य गणेश

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ********************************************************** श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. चरण कमल श्रद्धा नमन,करूँ गजानन आज।उमातनय परमेश कुरु,स्वस्ति लोक गणराज॥ परशु पाणि!पूजन करुँ,लम्बोदर विघ्नेश।गजमुख वरदायक नमन,गौरीपूत गणेश॥ एकदन्त गिरिजा तनय,शरणागत करुणेश।रक्ताम्बर तनु देह है,दयावन्त अखिलेश॥ मंगलमय गौरीतनय,गणनायक बुद्धीश।वाहन मूषकराज है,जगपालक जगदीश॥ पंचदेव में पूज्य हैं,गणभूतों के नाथ।सकल मनोरथ पूर्ण कर,बुद्धि विधाता साथ॥ जय गणेश … Read more

श्री गणेश के ३१ नाम

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)**************************************************** श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. विघ्नविनाशक,गणपती,गिरिजासुवन गणेश।लंबोदर,हे! सिद्धिप्रिय,वक्रतुण्ड विघ्नेशll योगाधिप,प्रथमेश,तुम,मंगलमूर्ति,कवीश।सिद्धिविनायक,भुवनपति,शूपकर्ण अवनीशll एकदंत,एकाक्षरा,धूम्रवर्ण,ढुंढिराज।गौरीनंदन,विघ्नहर,द्वैमातुर महाराजll विद्यावारिधि,गजबदन,अंबिकेय,महाकाय।कपिल,सुमुख,क्षेमंकरी,करिए सदा सहायll परिचय- शिवेन्द्र मिश्र का साहित्यिक उपनाम ‘शिव’ है। १० अप्रैल १९८९ को सीतापुर(उप्र)में जन्मे शिवेन्द्र मिश्र का स्थाई व वर्तमान बसेरा मैगलगंज (खीरी,उप्र)में है। इन्हें हिन्दी व अंग्रेजी भाषा का ज्ञान है। जिला-लखीमपुर खीरी निवासी शिवेन्द्र … Read more