फाइबर की कमी पर जागरूक रहें

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** फाइबर की कमी पेट ही नहीं, अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी खड़ी कर सकती है। फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट ही है, जो पेट में आसानी से नहीं पचता है। ये कार्ब्स छोटे-छोटे कणों में टूट कर शकर के रूप शरीर में फाइबर की कमी होने पर घेरने लगते हैं।शरीर को स्वस्थ्य रखने … Read more

सुप्त देवत्व का पुर्नजागरण अन्तर्चेतना से ही

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य के वर्तमान चरित्र का गहनतापूर्वक अध्ययन करने से यही निष्कर्ष निकलता है कि, सृष्टिचक्र के आदिकाल में उसके चरित्र में देवत्व विद्यमान था, जो जन्म-जन्मान्तर पांच विकारों के चंगुल में फंसते-फंसते चारित्रिक गिरावट के कारण आज सुप्त अवस्था में जाकर मूर्छित सा हो गया है।बर्हिमुखता का संस्कार नैसर्गिक होने के … Read more

नए भारत के सुखद संकेत

ललित गर्गदिल्ली************************************** विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के वार्षिक विजय-उद्बोधन का न केवल राष्ट्रीय, बल्कि सामाजिक एवं राजनीतिक महत्व है। सर संघचालक ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए संघ सोच को फिर से स्पष्ट किया है। उन्होंने देश में साम्प्रदायिक सद्भाव पर विस्तृत दृष्टिकोण पेश करते … Read more

कश्मीर:दो टूक, हालात अब बेहतर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बारामूला में सभा को संबोधित किया, यही बड़ी बात है। उनका यह भाषण एतिहासिक और अत्यंत प्रभावशाली था। हमारे नेता लोग तो डर के मारे कश्मीर जाना ही पसंद नहीं करते, लेकिन इस साल कश्मीर में यात्रियों की संख्या २२ लाख रही, जबकि पिछले कुछ वर्षों … Read more

डाक का महत्व आज भी कायम

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*****************************************************  विश्व डाक दिवस (९ अक्तूबर) विशेष…. भारतीय डाक का इतिहास करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। शुरुआत ब्रिटिश हुकूमत के दौर में हुई थी। ये डाक सेवा अंग्रेजों ने भारत में शुरू की थी। साल १७६६ में लार्ड क्लाइव ने पहली बार भारत में डाक व्यवस्था को शुरु किया था, जबकि विभाग के … Read more

व्यर्थ विचारों के नियन्त्रण से करें प्रबन्धन

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य की व्यक्तिगत जीवन शैली व उसके पारिवारिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और भौगोलिक वातावरण से प्रभावित होकर विकसित हुए विचारों और भावनाओं का समुच्चय उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करता है।मन के विचारों और भावनाओं से जीवन के लगभग सभी पहलू प्रभावित और प्रबन्धित होते हैं। अपने ही विचारों … Read more

सभी देशों को शांति और अहिंसा का मार्ग दिखाने की आवश्यकता

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** महात्मा गांधी के जन्म दिवस (२ अक्टूबर) को पूरे विश्व में मनाया जाता है। भारत में इसे गांधी जयंती के रूप में मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने २ अक्टूबर का दिन ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र के १९३ में से १४० देश यह दिवस … Read more

मोहन भागवत की नई पहल यानि असली ‘भारत जोड़ो’

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और अखिल भारतीय इमाम संघ के प्रमुख इमाम उमर इलियासी दोनों ही हार्दिक बधाई के पात्र हैं। इन दोनों सज्जनों ने जो पहल की है, वह एतिहासिक है। इलियासी ने दावत दी और डॉ. भागवत ने उसे स्वीकार किया। मोहन भागवत मस्जिद में … Read more

पीएफआई:प्रतिबंध से कट्टरवादी सोच पर अंकुश

ललित गर्गदिल्ली************************************** कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता एवं आईएसआईएस जैसे भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों से निकट संबंधों के चलते पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके ८ सहयोगी संगठनों पर केन्द्र सरकार ने ५ साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। राष्ट्रीय एकता एवं आपसी सौहार्द-सद्भावना को क्षत-विक्षत करने वाले इन संगठनों … Read more

चरित्र की सुन्दरता बड़ा गुण

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जो अपने विचारों और मान्यताओं के आधार पर जीवन व्यतीत करता है। साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मान्यताओं से भी उसकी जीवन शैली प्रेरित व प्रभावित होती है। हर व्यक्ति अपने जीवन को निरन्तर आनन्द और खुशियों से भरपूर अनुभव करते हुए सबसे प्यार, सम्मान और आशीर्वाद … Read more