अनन्त क्षमताओं की जागृति से ही मिलेगी सफलता

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** जीवन में अनेक प्रकार की परिस्थितियाँ आना हमारे जीवन्त होने का प्रमाण है। परिस्थितियाँ, समस्याएँ, मुश्किलें तो जीवन में आती रहती है और हर व्यक्ति उन पर विजय प्राप्त करने का हर सम्भव प्रयास भी करता है, किन्तु सभी लोग उनसे बाहर नहीं निकल पाते या उन पर विजय नहीं पाते … Read more

हिंदी! तुम सदा रहो हिंदुस्तानी

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* हिंदी और हमारी जिंदगी… हिंदी हम भारतीय नागरिकों की जीवनदायिनी है। लगभग पूरे भारत में हर जाति, धर्म व प्रदेश के लोग हिंदी जानते हैं और समझते हैं। भावों, मनोभावों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति में स्वयं को आरामदायक भी अनुभव करते हैं, लेकिन हिंदी को प्रचार-प्रसार की आवश्यकता ही क्यों पड़ी … Read more

चीते आ गए, पर घटते जंगल भी बचाएं

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या देश में सर्वाधिक जंगलों वाला मध्यप्रदेश भविष्य में ‘चीता राज्य’ कहलाएगा या नहीं इसका जवाब तो आगे चलकर मिलेगा, लेकिन फिलहाल नामीबिया से आ रहे चीतों के स्वागत में नगाड़े बज रहे हैं। इस मुबारक घड़ी में शुभकामना यही है कि चीते भी इस धरती को अपना मानकर बसेरा करें और … Read more

जीवन-शैली में बदलाव कर बच सकते हैं भूलने से

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** विश्व अल्जाइमर दिवस(२१सितम्बर) विशेष.. ‘अल्जाइमर’ यानि भूलने की बीमारी अधिकांश बुजुर्गों में अधिक मिलती है, लेकिन आजकल युवा वर्ग में भी यह बहुत अधिक पाई जा रही है। हर साल २१ सितंबर को ‘विश्व अल्जाइमर दिवस’ मनाया जाता है। यह बीमारी डिमेंशिया रोग का प्रकार है, इसलिए इसे अल्जाइमर डिमेंशिया कहते हैं। यह … Read more

‘राष्ट्रभाषा’ और ‘राज्यभाषा’ की आवश्यकता ?

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** हिंदी दिवस…. हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा बनाया जाना चाहिए, यह बात तो स्वतंत्रता पूर्व से ही कही जा रही है। भारत के प्रायः सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने लगातार यह माँग की थी कि हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा बनाया जाना चाहिए। इस माँग में हिंदी-भाषी क्षेत्र से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका … Read more

जीवन का सौन्दर्य अहिंसा और शांति में ही

ललित गर्गदिल्ली************************************** अन्तर्राष्ट्रीय शांति एवं अहिंसा दिवस-२१ सितम्बर विशेष… ‘विश्व शांति दिवस’ अथवा ‘अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस’ प्रत्येक वर्ष २१ सितम्बर को मनाया जाता है। यह दिवस सभी देशों और लोगों के बीच स्वतंत्रता, शांति, अहिंसा और खुशी का एक आदर्श माना जाता है। इस साल ४०वां अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है, जिसकी भावना … Read more

विडम्बना:१५ करोड़ लोगों के लिए ६-७ करोड़ लोगों से कर वसूलती सरकार

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* संवाद जन-नैतिकता से… नेताओं को भी आयकर देना चाहिए। नेताओं को पद पाने पर एक ही पेंशन देनी चाहिए, बार-बार पद पाने पर बार-बार पेंशन देने की व्यस्था नहीं होनी चाहिए। एक विकासशील देश में ऐसी व्यवस्था कहां तक शोभनीय है ? और जो धर्म की आड़ में बैठकर लाखों-करोड़ लोग … Read more

हिंदी दिवस:जनता कैसे मनाए ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* हर १४ सितंबर को भारत सरकार हिंदी दिवस मनाती है। नेता लोग हिंदी को लेकर अच्छे-खासे भाषण भी झाड़ देते हैं, लेकिन हिंदी का ढर्रा जहाँ था, वहीं आकर टिक जाता है। अदालतों, संसद, विधानसभाओं, सरकारी काम-काज में, पाठशालाओं और विश्वविद्यालयों में सर्वत्र अंग्रेजी का बोलबाला बढ़ता चला जा रहा है। अब … Read more

हमें कृष्ण-चाणक्य नीति अपनानी पड़ेगी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** भारत विश्वगुरु और आत्मनिर्भर…. भारत जो कभी ‘विश्व गुरु’ कहलाता था…जिसकी सभ्यता और संस्कृति का सारी दुनिया लोहा मानती थी। हमारे वेदों ने वे आविष्कार हजारों वर्ष पहले कर लिए थे, जिन्हें आज विकसित देश अपने आविष्कारों का नाम देते हैं। रामायण काल में समुद्र पर पुल बना लिया था। बड़े-बड़े मारक … Read more

हिंदी से मेरा प्यार

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* हिंदी और हमारी जिंदगी…. बचपन में जब कक्षा पांचवी की एक किताब का अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद किया था, क्योंकि वह किताब हिंदी में उपलब्ध नहीं थी, तो ना सिर्फ मेरे माता-पिता, वरन मेरी चाची जो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्नातक एवं लाइब्रेरी साइंस में स्नातक थी और हर बात … Read more