हिन्दी की भारत में उपेक्षा, ईमानदार प्रयत्न करने होंगे

ललित गर्गदिल्ली************************************** हिन्दी और हमारी जिन्दगी… विश्व भाषा बनने की ओर हिन्दी के बढ़ते कदम भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हिन्दी विश्व भाषा बनने की समस्त अर्हताएं एवं विशेषताएं स्वयं में समाए हुए है। हिन्दी स्वयं में अपने भीतर एक अन्तर्राष्ट्रीय जगत छिपाए हुए हैं। आर्य, द्रविड़, आदिवासी, स्पेनी, चीनी, जापानी आदि सारे … Read more

बुनियाद कमजोर है क्या ?

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हिंदी और हमारी जिंदगी… सौ बरस से अधिक का समय हो गया-हिंदी को राष्ट्रभाषा का अधिकार मिलना चाहिए, पर आज भी हिंदी सिर्फ हिंदी मानने वालों के कारण बची है। महात्मा गाँधी ने १९१८ में अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा था कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का अधिकारी भाषा घोषित करना और दक्षिण भारत … Read more

बच्चों को जागरूक बनाएँ

सुरेन्द्र सिंह राजपूत ‘हमसफ़र’देवास (मध्यप्रदेश)****************************************** हिंदी और हमारी जिंदगी… हर साल १४ सितम्बर को हमारे देश में ‘हिंदी दिवस’ मनाया जाता है। १९४७ में जब भारत अंग्रेजी हुकूमत से आज़ाद हुआ, तो देश के सामने एक बड़ा सवाल भाषा को लेकर था, क्योंकि भारत में सैकड़ों भाषाएँ और बोलियां बोली जाती थी। भारत की कौन-सी … Read more

हिंदी के प्रति समर्पित हों, यही जिंदगी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** हिंदी और हमारी जिंदगी…. लंदन के साहित्यकार का कथन है कि जब तक हिंदी को मानक स्वरूप नहीं दिया जाएगा, तब तक उसको वैश्विक भाषा के तौर पर स्थापित करना कठिन होगा। ये सच भी है कि, हिंदी में वैज्ञानिक भाषा समाहित है।अंग्रेजी भाषा में ये खूबी देखने को नहीं मिलती। इसमें … Read more

क्रांतिकारी साधु रहे स्वरूपानंदजी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन पर सारे देश का ध्यान गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इसके बावजूद कि स्वरुपानंदजी नरेंद्र मोदी की कई बार कड़ी आलोचना भी करते रहे हैं। यह श्री मोदी की उदारता तो है ही लेकिन स्वरूपानंदजी के व्यक्तित्व की यह खूबी … Read more

कम योगदान नहीं रहा मण्डी के सेनानियों का

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आजादी का अमृत महोत्सव…. गुलामी की जंजीरों से मुक्ति का संघर्ष लगभग विश्व के अधिकतर देश समय- समय अपने-अपने ढंग से करते आए हैं और उसी कड़ी में एक नाम हमारे भारत देश का भी है। भारत वर्ष के इतिहास की एक समृद्ध कहानी है। जहां यह देश विभिन्न आतताइयों से … Read more

धीमा जहर है मोबाइल लेकर सोना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** विज्ञान वरदान के साथ अभिशाप भी होता है। आज मोबाइल हमारे जीवन का अनिवार्य अंग बन गया है और जो उपयोग करते हैं, वे मोबाइल के व्यसनी हो जाते हैं। यह सामान्य बात है, और इस आदत के कारण हम शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आर्थिक और अनैतिकता के कारण अधिक हानियां उठा रहे हैं। … Read more

सवर्ण देश के नागरिक नहीं ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** छत्तीसगढ़ सरकार ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए अलग-अलग संचालनालय की स्थापना करने का प्रस्ताव पारित किया है और प्रत्येक के लिए सलाहकार परिषद बनाई जा रही है, जो इन वर्ग विशेष के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाएगी।अब प्रश्न यह उठता है कि, क्या इस देश के संसाधनों, योजनाओं में सवर्ण … Read more

मेधावी बन सकें

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* जीवन बेहद अद्भुत है, असीम है, अगाध है। यह अनन्त रहस्यों को संजोए एक विशाल साम्राज्य है, जहाँ मानव कर्म करते हैं। कुछ परीक्षाएं उत्तीर्ण कर लेने अथवा किन्ही विषयों में प्रवीणता हासिल कर लेने की अपेक्षा जीवन को समझना कहीं अधिक कठिन है।निश्चित रूप से हमारी शिक्षा पूर्णतः व्यर्थ … Read more

भारतीयों के लिए गर्व की बात

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार ऋषि सुनक को हराकर यह सर्वोच्च पद पाया है। वे पिछली बोरिस जाॅनसन सरकार में विदेश मंत्री रही हैं। ऋषि सुनक हारे जरुर हैंं, लेकिन उन्हें ४३ प्रतिशत मत मिल गए, जबकि ट्रस को ५७ प्रतिशत मिले। … Read more