हिन्दी की भारत में उपेक्षा, ईमानदार प्रयत्न करने होंगे
ललित गर्गदिल्ली************************************** हिन्दी और हमारी जिन्दगी… विश्व भाषा बनने की ओर हिन्दी के बढ़ते कदम भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हिन्दी विश्व भाषा बनने की समस्त अर्हताएं एवं विशेषताएं स्वयं में समाए हुए है। हिन्दी स्वयं में अपने भीतर एक अन्तर्राष्ट्रीय जगत छिपाए हुए हैं। आर्य, द्रविड़, आदिवासी, स्पेनी, चीनी, जापानी आदि सारे … Read more