परिवर्तन ही संसार का नियम

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** इस जीवन में वही आगे बढ़ते हैं, जो परिवर्तन की प्रक्रिया से भयभीत नहीं होते। वे भली-भाँति जानते हैं कि स्थिरता ही जड़ता,नीरसता और निष्क्रियता की जनक है। परिवर्तन ही संसार का नियम है। जो नए अनुभवों का स्वागत नहीं करता है,वह अपनी जीवन की ऊर्जा को गँवा बैठता है।हम अपने … Read more

हास्य-कलाकार सचमुच खतरे में ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** दुनिया के प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार समारोह में जाने-माने अभिनेता विल स्मिथ ने अपनी पत्नी के गंजेपन को लेकर की गई टिप्पणी पर हास्य कलाकार क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने के बाद अब माफी जरूर मांग ली है,लेकिन सामाजिक संचार पर यह मुद्दा जिंदा है और इस ‘अभूतपूर्व’ वाकिए’ पर फिल्म जगत २ … Read more

पाकिस्तानःगरीबी में आटा गीला

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* इमरान खान ने वही किया, जिसकी संभावना थी। उन्होंने विपक्षियों द्वारा लाया हुआ अविश्वास प्रस्ताव रद्द करवा दिया, राष्ट्रीय सभा (संसद) भंग करवा दी और चुनावों की घोषणा करवा दी। अब पाकिस्तान के चुनाव ९० दिन बाद होंगे, ऐसा मान कर चला जा सकता है। इमरान ठीक कहते थे कि उन्होंने बाजी … Read more

ईर्ष्या और द्वेष बनाम जलन

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** मोटे तौर पर ईर्ष्या और द्वेष एक मनोभाव है। किसी को देखकर ईर्ष्या या जलन होना हम सब कभी न कभी महसूस करते ही हैं,पर कभी-कभी बात बिगड़ जाती है और हम अपने प्रतिद्वंदी से नफरत करने लग जाते हैं। उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस तरह … Read more

आज भी मन को छूते हैं रेडियो पर बजते गीत

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** गीतों की कल्पना,राग,संगीत के साथ गायन की मधुरता कानो में मिश्री घोलती है,साथ ही मन को प्रभावित भी करती है। गीतों का इतिहास भी काफी पुराना है। रागों के जरिए दीप का जलना,मेघ का बरसना आदि किवदंतियां प्रचलित रही है,वहीं राग ,संगीत के जरिए घराने भी बने हैं। गीतों का चलन तो … Read more

चेतना का नवोन्मेष संदेश ‘गुड़ी पड़वा’

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* गुड़ी पड़वा विशेष…. ‘वैविध्य’ की अर्थ संपूर्णता व व्यापकता हिंदू संस्कृति में पूर्णमासी के चंद्रसमान है। हिंदू संस्कृति अपने में प्रकृति की विशिष्ट संरचना को समाहित किए हुए है। हमारे देश में प्रकृति की भागौलिक देन के कारण प्रत्येक ३ मास के बाद ऋतु परिवर्तन होता है। परिवर्तन के दौरान व्यक्ति … Read more

गणगौर पर्व:आस्था का उत्सव

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** भारत के कुछ प्रदेशों में खासकर राजस्थान एवं सीमावर्ती मध्य प्रदेश में गणगौर (गण-शिव तथा गौर-पार्वती) पर्व होलिका दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक १८ दिनों तक मनाया जाता है। यह आस्था,प्रेम और पारिवारिक सौहार्द का सबसे बड़ा उत्सव है। चूँकि,बीते २ साल से ‘कोरोना’ … Read more

भारत-दुबई घनिष्टता के नए आयाम

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* यह खुश खबर पढ़ी कि दुबई की कुल १६० सेवाओं में से भारत के लिए १०६ के द्वार खोल दिए गए हैं। कुछ दिन पहले हमारे व्यापार मंत्री पीयूष गोयल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) आए थे और उन्होंने यहां के नेताओं से बातचीत करके यह समझौता किया था। अब यहां भारतीय नर्सों, … Read more

जब प्रधानमंत्री मारग्रेट थ्रेचर के कर-कमलों से मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार…

रश्मि बंसल झंवर-संजय ‘अनंत’********************************* स्व. महादेवी वर्मा जयंती… छायावाद की महान स्तंभ;हिंदी साहित्य की अमर साधिका;आदर्श,करुणा,दया और ममता का जीवंत रूप;काव्य में वेदना,रहस्य,प्रणय और प्राकृतिक सौंदर्य को पिरोने वाली;गिल्लु,नीलकंठ,गौरा जैसे मानवेतर पात्रों में संवेदनाओं का रस भरने वाली; पंत और निराला की कलाई पर स्नेह की डोर सजाने वाली;प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्य; भारत का … Read more

मधुमेह:बचाव भी इलाज़

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*********************************************** मधुमेह(डायबिटीज) एक दीर्घकालिक रोग है, जिसने हाल के वर्षों में कई लोगों को चपेट में लेते हुए सेहत पर बहुत बुरा असर डाला है। मधुमेह की वजह से कई और समस्याएं हो सकती हैं जैसे-दिल का दौरा,जो उम्र को तेजी से बढ़ाता है और गुर्दे को नुकसान पहुंचाता है। भारत में मधुमेह एक … Read more