पद-प्रभाव का दुरूपयोग विचारणीय

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** प्रजातंत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों को विधायिका मानते हैं,उनके अधीनस्थ कार्यपालिका निश्चित रूप से उनकी सहायता करने,उनकी मंशाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध होती या रहती है। बहुत सीमा तक न्यायपालिका भी अप्रभावित नहीं रहती है। बुद्धिमान राजा यानी वर्तमान में प्रधान मंत्री को स्वयं और अधीनस्थों को यानी मत्रियों को निम्न … Read more

भारत माता का राजदुलारा चन्द्रशेखर आजाद

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** पुण्यतिथि (२७ फरवरी) विशेष भारत राष्ट्र को स्वतन्त्रता दिलाने हेतु प्राण निछावर करने वाले स्वतन्त्रता सेनानी चन्द्रशेखर आजाद( बचपन का नाम चन्द्रशेखर सीताराम तिवारी)एक ऐसे सेनानी थे जो अंग्रेजों के हाथों कभी भी जीवित गिरफ्तार न होने की अपनी प्रतिज्ञा पर अडिग रहे। इसी के चलते वे न केवल पूरे विश्व … Read more

भारत:सच्चा लोकतंत्र लाने में देर नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* दुनिया के किन-किन देशों में कैसा-कैसा लोकतंत्र है,इसका सर्वेक्षण हर साल ब्लूमबर्ग नामक संस्था करती है। इस साल का उसका आकलन है कि दुनिया के १६७ देशों में से सिर्फ २१ को आप लोकतांत्रिक कह सकते हैं। ५६ देश खुद को लोकतांत्रिक बताते हैं लेकिन वे लंगड़ाते हुए लोकतंत्र हैं। याने दुनिया … Read more

मातृभाषा हिन्दी के लिए संघर्ष की महती आवश्यकता

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष…. जब बात मातृभाषा की होती है तो माँ एवं मातृभूमि की बात होनी ही है,क्योंकि माँ से ही सबका कहीं न कहीं जुड़ाव है,और सदा ही रहेगा। हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाना है तो मातृभाषा हिन्दी को बचाना होगा और बढ़ाना भी होगा। उस हर मातृभाषा … Read more

मातृभाषा की महिमा

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष…. आज के दौर में विकास शब्द ऐसा है जिसकी चर्चा सबसे अधिक होती है। इसलिए मैं मातृभाषा और विकास के संबध पर प्रकाश डालना चाहूँगा। विश्व में संभवत: कोई ऐसा वैज्ञानिक,शिक्षाविद, दार्शनिक,चिंतक अथवा भाषाविद् नहीं होगा जिसने मनुष्य के विकास के लिए मातृभाषा के महत्व को स्वीकार … Read more

हिजाब,नकाब और बुर्का लादना उनकी हैसियत को नीचे गिराना

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कर्नाटक के उच्च न्यायालय में हिजाब के मुद्दे पर अभी बहस जारी है लेकिन अंतरराष्ट्रीय इस्लामी सहयोग संगठन ने भारत के खिलाफ अपना बयान जारी कर दिया है। उसने पहले धारा ३७० हटाने के विरोध में भी बयान जारी किया था। पाकिस्तान के मुल्ला-मौलवी और नेता भी एकतरफा बयान जारी करने में … Read more

‘बजाज’ ने पहचानी थी वक्त की रफ्‍तार

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** जाने-माने उद्योगपति राहुल बजाज के निधन पर उनके व्यक्तित्व की कई खूबियों और सत्ता से उनकी करीबी के अनेक प्रसंग दोहराए जा रहे हैं। अस्सी और नब्बे के दशक में देश के सामाजिक बदलाव और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पहचान कर उसे उपभोक्तावाद में भुनाने का काम बजाज ने बखूबी किया … Read more

व्यवहारिक हिंदी का प्रयोग १६० देशों में

प्रो.महावीर सरन जैनबुलंद शहर(उत्तरप्रदेश)********************************************************* भाषा…. आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि भारतीय चिन्तन एवं पाश्चात्य चिंतन में मूलभूत अन्तर है। भारतीय चिन्तन अभेदात्मक, समन्वयात्मक,सहयोगात्मक और पदार्थ,प्राण,मन, विज्ञान से भी परे आत्म चेतना का साक्षात्कार है तथा सांस्कृतिक चेतना की दृष्टि से पूरी वसुधा को अपना कुटुम्ब मानने में विश्वास करता है (वसुधैव … Read more

स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी का मौन होना

ललित गर्गदिल्ली ************************************** लता मंगेशकर देह से विदेह हो गई है। गायन के क्षेत्र में अब वे एक याद बन चुकी हैं। उनका निधन स्वरों की दुनिया में एक गहन सन्नाटा है,वे ईश्वर का साक्षात स्वरूप थी,उनके स्वरों में माँ सरस्वती विराजती थी,उनके स्वरों में भारत की आत्मा बसी थी। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति … Read more

ईश्वर कराए भक्तों के बीच झगड़े ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हिजाब को लेकर कर्नाटक में जबर्दस्त खट-पट चल पड़ी है। यदि मुस्लिम लड़कियां हिजाब पहनने को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं तो हिंदू लड़के भगवा दुपट्टा लगाकर नारे जड़ रहे हैं। उन्हें देख-देखकर दलित लड़के नीले गुलूबंद डटाकर नारे लगा रहे हैं। अच्छा है कि वहां समाजवादी नहीं हैं,वरना वे लाल टोपियां … Read more