राष्ट्र के पुनरुत्थान में साहित्य की भूमिका

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** ‘साहित्य का कर्तव्य ज्ञान देना ही नहीं है, परन्तु नया वातावरण देना भी है।’ डाॅॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनराष्ट्र के पुनरुत्थान में साहित्य की भूमिका का आंकलन करने के लिए हमें ज्ञात है कि, भारत एक राष्ट्र है और इसका लोकतांत्रिक होना इसे पूर्ण राष्ट्र के रूप में निरूपित करता है। … Read more

राजनीतिक शुचिता के लिए चुनावी चोट आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन… किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान प्रधान-मुखिया की आस्था पर निर्भर करता है। मुखिया का प्रभाव जनता पर पड़ता है और जनता की भावनाएं मुखिया पर पड़ती हैं। कोई भी मुखिया पूरे देश की जनता पर नियंत्रण नहीं कर सकता, और जनता अपने मुखिया (कैबिनेट और विधायक-सांसद) के क्रियाकलापों-आचरण पर … Read more

आतंकवाद के कंधों पर चलती राजनीति और कनाडा की सरकार

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** यह कोई नई बात नहीं कि, जब भारत सहित अनेक देशों में राजनीतिक दल और अनेक नेता अपनी सत्ता के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अलगाववादियों, आतंकवादियों और अन्य विध्वंसक संगठनों की प्रत्यक्ष और परोक्ष मदद लेकर उनकी मदद करते हैं या उन्हें बढ़ावा देते हैं। इस मामले में सर्वाधिक … Read more

नारी का राजनीतिक जीवन भी अमृतमय बने

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारतीय संसद के नए भवन के पहले सत्र का श्रीगणेश अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक, यादगार एवं अविस्मरणीय रहा। अनेक नए अध्याय एवं अमिट आलेख रचे गए, जिनमें सरकार और विपक्ष के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध की दुर्लभ तस्वीर सामने आई, वहीं ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम २०२३’ के रूप में नारी शक्ति के अभ्युदय का … Read more

शिव जी जैसे पति अवश्य बनिए

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** हरतालिका तीज विशेष… भगवती माँ पर्वतराज पुत्री पार्वती शिव जी को ही अपना वर वरण करने के लिए घनघोर जंगल में तपस्या रत हो गई। दूब का रस, दूर्वा, पर्ण खा कर अपर्णा, इत्यादि नाम रखती। शिव जी को प्रसन्न होते न देखकर मात्र जल में रहने लगी। शिव जी को न … Read more

गणेशोत्सव पर्व के उद्देश्य आज कितने सार्थक ?

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* गणेश चतुर्थी विशेष… गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है, जो भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है, किन्तु महाराष्ट्र व कर्नाटक में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। … Read more

भारतीय भाषाएँ:कहीं देर न हो जाए!

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** ‘हिंदी दिवस’ विशेष… हिंदी और भारतीय भाषाओं का जो हश्र आजादी के बाद हुआ, वह विचारणीय ही नहीं चिंताजनक भी है। स्वाधीनता के समय ९९ फीसदी से भी अधिक लोग मातृभाषा में पढ़ते थे और अब गाँव-गाँव तक एवं नर्सरी से ही अंग्रेजी माध्यम छा गया है। अगर हिंदी की बात … Read more

जी-२० शिखर सम्मेलन: भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारत के इतिहास का यह पहला अवसर है, जब उसने समूची दुनिया की महाशक्तियों को एकसाथ एक मंच पर एकत्र कर अपनी उभरती राजनीतिक छवि की धाक एवं धमक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उजागर की है। निश्चित ही हर भारतीय के लिए यह देखना दिलचस्प ही नहीं; सुखद बना कि, चुनौती बना जी-२० का … Read more

गर्व से कहें कि ‘हम भारतीय’

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* मुद्दा:भारत बनाम इंडिया और हिंदुस्तान…. भाषा परिवर्तन और शब्दों की अनुभूति ही भाषा को नए आयाम प्रदान करती है। कुछ समय पहले ‘महाराज’ शब्द अपने शासकों के समय में प्रतिनिधित्व करता था और होटल में भोजन बनाने वालों, कतिपय ज्ञानी पंडित या किसी कला में निपुण प्रसिद्ध कलाकार आदि के सम्मान … Read more

भारत में हिन्दी भाषा का स्थान

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** हिन्दी संग हम…. भारत की आधी आबादी द्वारा वाली बोली जाने वाली भाषा को दोयम दर्जे पर रखा जाता है, जबकि एक विदेशी भाषा को भारत के हर राज्य में प्राथमिकता दी जाती है।पूर्वोत्तर क्षेत्र की भाषा की जननी संस्कृत ही है, जिसमें हमारे प्राचीनकाल की ऋचाएँ, संहिता, महाभारत, भाष्य भी लिखा … Read more