लेखनी से राष्ट्र की एकता और संस्कृति का अलख जगाते रहें-श्री प्रसाद
कथा सम्मेलन… पटना (बिहार)। माँ शारदे की कृपा से मैं बचपन से ही लिखता रहा हूँ। कहानी ऐसी हो, जो दिल को छू ले। संवेदना से परिपूर्ण प्रेरणात्मक संदेश हो। आम आदमी की कथा, व्यथा, संघर्ष गाथा हो। प्रेमचंद जी मेरे आदर्श हैं। मेरा नाम ‘सेवा सदन’ उनके उपन्यास का नाम है। उनकी ‘पूस की … Read more