कथात्मक साहित्य में लघुकथा का विशेष स्थान-मिथिलेश दीक्षित

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सकारात्मक दिशा देने में सक्षम है समकालीन लघुकथा-सिद्धेश्वर पटना (बिहार)। विश्व कथा दिवस के अवसर पर लघुकथा के क्षेत्र में यह बहुत महत्वपूर्ण आयोजन हुआ है। कथात्मक साहित्य में लघुकथा का विशेष स्थान है। वर्तमान में यह सबसे अधिक लोकप्रिय और चर्चित विधा है।समाज के विभिन्न प्रभावों के बीच, तीव्र गति से बदलते परिवेश में … Read more

लघुकथा को विधा के रूप में प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं-डॉ. दवे

इंदौर (मप्र)। क्वांटा जहां विज्ञान की खोज है, वहीं लघुकथा भी साहित्य का महाप्रयोग है। लघुकथा को विधा के रूप में अब किसी के प्रमाण-पत्र की कोई जरूरत नहीं है।यह बात साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने विचार प्रवाह साहित्य मंच द्वारा रविवार को आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा अधिवेशन में कही। इंदौर … Read more

संसार को बेरंग होने से बचाते हैं रंग ही

इंदौर (मप्र)। नारी के तन-मन और परिधानों के रंग ही संसार को बेरंग होने से बचाते हैं।प्रकृति सुंदर है फूलों के रंग से तो, समाज रंगीन है नारी के रंगों से।    यह बात मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा ने कही। अवसर रहा होली से रंग चुने, महिला दिवस से नारी शक्ति को जगाया … Read more

प्रतिरोध की ज़रूरी कविताओं के कवि हैं कुम्भज

इंदौर (मप्र)। कुम्भज जी की कविताएँ पाठक को विचार से जोडती है। ये कविताएँ आपको जन समाज से जोड़ती हैं, जिनमें प्रतिरोध को स्पष्टता से देखा जा सकता है।वरिष्ठ व्यंग्यकार जवाहर चौधरी ने यह बात शनिवार को जनवादी लेखक संघ इन्दौर इकाई के मासिक रचना पाठ के ११४ वें क्रम में वरिष्ठ कवि राजकुमार कुम्भज … Read more

कथाशिल्पी की संगोष्ठी में हुआ लघुकथा पाठ

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पटना (बिहार)। फ्रेजर रोड स्थित हेम प्लाजा में ‘चौथा इतवार-साहित्य समागम’ की १८वीं कड़ी का आयोजन हुआ। रेणु जयंती के मद्देनजर यह कार्यक्रम कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के नाम रहा। अध्यक्षता भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की। वरिष्ठ कथाकार अरुण शाद्वल, पत्रकार पुष्यमित्र व लेखिका भावना शेखर की उपस्थिति से मंच सुसज्जित रहा।इस आयोजन में उनकी … Read more

कम होता जा रहा है पढ़ना और लिखना-इंदु उपाध्याय

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गोष्ठी में संयोजक सिद्धेश्वर बोले-पुस्तक मेले में पुस्तक रखना मात्र फैशन रह गया पटना (बिहार)। आजकल साहित्य का स्तर गिरता जा रहा है। नाम कमाने के चक्कर में भूल रहे हैं कि हम भावी पीढ़ी को क्या परोस रहे हैं। सोशल मीडिया ने बहुत हद तक इसका स्तर गिरा दिया है। पढ़ना और लिखना दोनों … Read more

पुस्तक विमोचन संग डॉ. मनोज तिवारी सम्मानित

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दिल्ली। प्रगति मैदान (नई दिल्ली) में विश्व पुस्तक मेला में वाराणसी के प्रसिद्ध लेखक, शिक्षाविद व मनोवैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार तिवारी को उत्कृष्ट लेखन व शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए रिनेवा इंटरनेशनल पब्लिकेशन्स (दिल्ली) द्वारा प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. तिवारी की पुस्तक ‘शिक्षा मनोविज्ञान’ का विमोचन हुआ। … Read more

‘हिन्दी की बिन्दी’ पर गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’ और देवन्ती देवी चंद्रवंशी को प्रथम स्थान

द्वितीय विजेता बनीं शशि दीपक कपूर एवं डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ इंदौर (मप्र)। हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा निरन्तर स्पर्धा कराने के अंतर्गत ६२ वीं स्पर्धा ‘हिन्दी की बिन्दी’ विषय पर कराई गई। इसमें गद्य वर्ग में गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’ और पद्य वर्ग में देवन्ती देवी चंद्रवंशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।मंच-परिवार … Read more

‘ये आकाश मेरा भी है’ स्वर्ण पुरस्कार हेतु चयनित

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मुम्बई (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी ने रमेश गुप्ता ‘मिलन’ की नाट्य कृति ‘ये आकाश मेरा भी है’ (भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित) को स्वर्ण पुरस्कार देने की घोषणा की है। श्री गुप्ता के अनुसार इसका लोकार्पण लगभग १ वर्ष पूर्व प्रसिद्ध अभिनेता राजेंद्र गुप्ता, नवभारत टाइम्स के सह-संपादक हरि मृदुल व प्रो. सत्यदेव त्रिपाठी … Read more

‘स्त्री और रंग, कविता के संग’ पर १९ मार्च को संगोष्ठी

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इंदौर (मप्र)। आगामी ‘अंतरराष्ट्रीय कविता दिवस’ (२१मार्च) पर वामा साहित्य मंच द्वारा १९ मार्च रविवार को संगोष्ठी रखी गई है। प्रभारी नीलम तोलानी ने बताया कि, यह अपराह्न ३ बजे होटल अपना एवेन्यू (जंजीर वाला चौराहा) में आयोजित होगी, जिसमें ‘स्त्री और रंग, कविता के संग’ विषय पर आधारित कविताओं की वामा सखियां प्रस्तुति देंगी।