रंग ले के आयी होली
अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** रंग ले के आयी होली,अँखियों से मारे गोली। गोरियों की भींगे चोली,रंग की फुहार में। जिसका भी देखो गाल,रंग से रँगा है लाल। टोली में जवान बाल,पागल है प्यार में। गमक हवाएँ उठी,महक फिजाएँ उठी। दिल में वफ़ाएं उठी,बसंत बहार में। मन ने उड़ान भरी,आफत में जान पड़ी। सबने … Read more