निहारूं जुगल छवि नित न्यारी
सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** डम-डम डमरू बज रहे हैं,ढोल-नगाड़े खूब बजे हैंधूम-धड़ाके खूब बजे हैं,गौरा संग लगन रचाने कोदूल्हे शंकर खूब जचे हैं।डम-डम डमरू… देह मृग-छाला भस्म रमाई,सकल बारात भांग पिलाईभुजंग विषधर कंठ लटकाएभूत-पिशाच टोली बनाए।डम-डम डमरू… बैल सवार हो, भोले आए,विकराल-अकराल दर्श दिखाए।देख चराचर देख भरमाए,बंधु, मातृ-पितृ शोक समाए।डम-डम डमरू… देख रूप निराला … Read more