एक राह और एक लक्ष्य
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** लक्ष्य को पाना भी लक्ष्य है,जीवन की राह कठिन होसफलता पाना भी लक्ष्य है,लक्ष्य कभी ना डगमगाना है। अर्जुन-सा बाण साधना है,राह पर हो सदा रहे अडिग।सफलता राह चूमेगी हमारी,एक राह और एक लक्ष्य संग है॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्में श्री वर्मा … Read more