बोलो न, बता दो
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** जाते-जाते क्यों थमते हो ? बोलो न बता दो,कहते-कहते तुम रुकते हो, बोलो न बता दो। उम्मीदों की बांध पोटली, यूँ न बुदबुदाना,दाम पोटली का कुछ हो तो, बोलो न बता दो। दर्द हो तो दे दो मुझको, उसे रुलायेंगे,या आँखों में प्रेम कैद है, बोलो न बता दो। झुकी-झुकी नजरों से … Read more