देश का सपूत

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- वीरों की धरती है भारत जिस पर मैंने जन्म लिया, माँ की लाज बचाऊँगा जिसकी छाती से दूध पियाl मेरे रहते बुरी नजर से माँ को देख न पायेगा, ये दुःसाहस जीवनभर को उसको अंध बनायेगाl भारत माँ का भाल हमेशा ऊँचा रहता आया है, पैदा नहीं हुआ है … Read more

बचपन की संगिनी…याद आती है.

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* मुझे मेरे बचपन की संगिनी, बहुत याद आती है… बहुत याद आती हैl जो कभी मेरी किताबें चुरा लेती थी, तो कभी बस्ता ही गायब कर देती थी और कभी-कभी कलम से, रिफिल ही निकाल लेती थीl वो पगली,मुझे परेशान कर-करके रुला देती थी, फिर खुद ही बता देती थीl … Read more

आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* आत्मजा’ खंडकाव्य अध्याय-९ विधि को सुखद लगी यह जोड़ी, उसने आँखें चार करायीं यह कैसा संयोग अजब था, नजरें भी तलवार बनायीं। लगीं काटने वे सपनों को, देखा करती थी जो प्रतिपल हमला करतीं आदर्शों पर, जिनसे रहता था मन उज्जवल। कभी कनखियों से वह देखे, कभी देखती उसे प्रभाती ओंठों … Read more

किताब जिंदगी की

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** जिंदगी की इस किताब को पढ़ रही हूँ नित्य मैं, पर न अक्षर एक भी मेरी समझ में आ रहा, खो गयी पन्नों में मैं तो ढूँढ न पायी कभीl दे दी कितनी ही परीक्षा आज तक अनुत्तीर्ण हूँ, न मिला कोई गुरु जो सीख इसकी दे मुझे, समझ भी … Read more

सिर्फ एक दिन…? ?

गंगाप्रसाद पांडे ‘भावुक’ भंगवा(उत्तरप्रदेश) **************************************************************** सिर्फ आज का दिन मित्रता के नाम, कल से फिर वही शत्रुता का काम, जैसे सिर्फ महिला दिवस पर महिला सम्मान, बकाया दिन महिला अपमान, जैसे मातृ दिवस पर माँ को प्रणाम, बकाया दिन पत्नी सम्मान, आज हम कितने प्रगतिशील हो गये हैं, सिर्फ विशेष निर्दिष्ट दिवसों पर ही विशेष … Read more

मेरा सारा जीवन माँ तुम

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** तुम मेरे जीवन की नौका की खेवनहार हो, तुम ही मेरा रब हो और जीने का आधार होl तुम ही मेरा जग हो और तुम ही सच्चा प्यार होll माँ तुमने जब भी मुझको अपने सीने से लगाया है, अदभुत,अप्रतिम,वो पल मैंने आज भी नहीं भुलाया हैl उँगली पकड़ के … Read more

माँ तो माँ ही होती

डॉ.रामावतार रैबारी मकवाना ‘आज़ाद पंछी’  भरतपुर(राजस्थान) *************************************************************************** चाहे अच्छी हो चाहे बुरी हो आखिर में माँ तो माँ ही होती है, बच्चे को सुलाती सूखे में, माँ खुद गीले में सोती हैl जब-जब बच्चा रोता है तब-तब माँ अपना दूध पिलाती हैं, भर जाता माँ का आँचल ममता से, अमृत की धारा बहती हैंl चाहे…ll … Read more

माँ अनमोल

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माँ रोम-रोम में हर मानव के बसती है, उसके बिन नहीं मानव की कोई हस्ती है। जन्मदात्री जननी जग से न्यारी है, हर रूप में माँ सबको प्यारी है। माँ का प्यार-दुलार जीवन का अनुमप उपहार, माँ तेरी हो हर युग में जय-जयकार। माँ सरस्वती-लक्ष्मी-अन्नपूर्णा होती है, खुद विपत्ति सहकर बच्चे … Read more

आओ तो दिल की बात कह दूं

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************** अक्सर रातों में जो करता हूँ खुद से खुद का वो संवाद कह दूं, तेरे होंठों से मेरे होंठों तक का सफर सर-ए-आम कह दूं। तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो,जमाने से यह हसीं बात कह दूं, अगर आओ कभी….॥ मेरे दिल की धड़कनों को तेरी साँसों की साँझ … Read more

माँ है गीता

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* माँ है गीता,माँ है कुरान, माँ को करिए रोज प्रणाम। ईश्वर भी नमता जहां पर, माँ ही संसार में असली भगवान। जिसने पाला हमको,वो कैसे अनपढ़ ? माँ तो है सच में ज्ञान की खान। कभी मत दुत्कारो उसको, देती दुआ माँ की मुस्कान। अमूल्य है माँ हर जगत में, … Read more