देश की खातिर…

शरद जोशी ‘शलभ’ धार (मध्यप्रदेश) **************************************************************************** देश की खा़तिर जिएँ हम,देश की ख़ातिर मरें, देश का गौरव बढे़ सब,काम हम ऐसे करें। आपसी मतभेद सारे,जो भी हैं हम भूल जाएँ, एक होकर हम सभी,इस राष्ट्र के ही गीत गाएँ। एकता हो देश में सब,काम हम ऐसे करें, देश की ख़ातिर…॥ जाति का अभिमान हो नहीं,रंग … Read more

श्रृंगार गीत का होता है

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** कंचन जैसे शब्दों का जब,सुख संयोजन होता है, मंगल भाव भरे हों जिसमें पुण्य प्रयोजन होता है। अंतस का नेह अगर हमको,नयनों में दिख जाए तो, और लेखनी अपनी पीड़ा,सहज सरल लिख जाए तो… ऐसे में फिर अंसुवन से,आभार गीत का होता है, ऐसे सफल प्रयासों से,श्रृंगार गीत का होता … Read more

उड़े रंग-गुलाल

बृजेश पाण्डेय ‘विभात’ रीवा(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** उड़े हो रंग अबीर गुलाल। युवा शिशु करते वृद्ध धमालll होलिका है पावन त्यौहार। लाल भाभी के गोरे गाल। बरस रंगों की रही फुहार। भीगती चोली और रुमाल। उड़े हो रंग अबीर गुलाल…ll बहे हृदय से प्रेम की धार। विविध रंगी चुनर कर डाल। मधुर बनें घर-घर जेवनार। हुए हैं … Read more

चूम के वो मंजिलों को…

भानु शर्मा ‘रंज’ धौलपुर(राजस्थान) ***************************************************************** चूम के वो मंजिलों को,पाँव वसुधा पर नहीं, आदमी बदला कि जैसे,वक्त का भी डर नहीं। जी रहा वो जिंदगी यों,खो असल निज नाम को, मंजिलेें तो मिल गयी पर,भूल बैठा धाम को। बीज जीवन की धरा पर,कर्म का वो बो गया, पा सभी फल को मगर,जीत को वो खो … Read more

प्रेम प्रतीक

डॉ.नीलम वार्ष्णेय ‘नीलमणि’ हाथरस(उत्तरप्रदेश)  ***************************************************** आया होली का त्यौहार खुशियों के लिये, ऐसी करें रब से प्रार्थना सभी के लिये। कभी दु:ख नहीं हो पलभर के लिये, एक-दूजे से गले मिलें,ज़िन्दगीभर के लियेll सब पर रंग चढ़े ऐसी रंगाओ होरी, काहू को दिल न जरै ऐसी जराओ होरी। सब पर रंग…ll केसरिया पीलौ लाल गुलाबी … Read more

प्यार जगायें होली में

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* चलो दिलों में प्यार जगायें होली में, नफरत की दीवार गिरायें होली में। बरसों से भीगी लकड़ी-सा सुलगे मन, स्वार्थ ईर्ष्या द्वेष भरा सारा जीवन। रीत नयी इस बार चलाई जाएगी, ऐसी हर अग्नि बुझायी जाएगी। पाप पतन पाखंड जलायें होली में, खुशियों का अम्बार लगायें होली … Read more

होली

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** सात रंग में सबसे गहरा,है ये प्रेम का रंग, बरस-बरस आती है होली,भीगे इक-इक अंग। रंगों का बन इंद्रधनुष,चहुंओर उड़े है गुलाल, रंग-रंग मिल एक हुए यूँ,दूर हुए हैं मलाल। ढाई आखर कबीर के पढ़ गयी,मीरा मोहन संग, सात रंग में सबसे गहरा,है ये प्रेम का रंग। … Read more

मैं हूँ नारी भारत की

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** मैं हूँ नारी भारत की,मैं नित-नित पूजी जाती हूँ, मैं संस्कार की सूचक हूँ मैं,पुण्य धरा की थाती हूँ। नेह-स्नेह की प्रीत प्यार की,ये अपनी परिपाटी से, त्याग समर्पण सीखा हमने,पुण्य धरा की माटी से। जो जैसा संज्ञान करे,मैं उसको वैसा भाती हूँ, मैं हूँ नारी भारत की,मैं नित-नित पूजी … Read more

कैसे खेलें होली…

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* होनी थी जो वो तो होली,कैसे खेलें फाग होली, गिरगिट रंग लेकर सभी दल खेल रहे हैं आज होली। रक्त रंजित वीर अरि से खेल रहे हैं रण में होली, आरोपों का गुलाल ले आई नेताओं की देखो टोली॥ चोर-चोर कह शोर मचावे,भोली जनता को रिझावे, भ्रष्टाचार की गागर लेकर … Read more

फाग

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** होली के रंग सुहाने लगे, जबसे श्याम ख़्वाबों में आने लगे। रंग रंगीली होली आई, प्यारे श्याम की पाती आई। रंग अबीर की होली आई, बरसाने में रंग गुलाल उड़े। जबसे श्याम ख्वाबों मे आने लगे, होली के रंग सुहाने लगे…॥ ललिता ने मारी भर पिचकारी, राधा की भीगी गुलाबी सारी। … Read more