हिन्दी:अनिवार्य राज-काज और शिक्षण की भाषा बनाऍं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** मागधी अर्द्ध मागधी प्राकृत संस्कृत से निर्मित ग्यारह सौ वर्षों के वृहत्काल में नवांकुरित, नवपल्लवित-पुष्पित और सुरभित फलित हिन्दी भाषा और साहित्य आदिकाल,भक्तिकाल, रीतिकाल,आधुनिक काल और अर्वाचीन काल में प्रसूत पालित पोषित सम्वर्द्धित होती हुई राजभाषा हिंदी आज विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तृतीय भाषा के रूप में … Read more

मरे चूहे को घसीटता पाक

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद और ‘इस्लामी सहयोग संगठन’ (आईआईसी) में कश्मीर का मुद्दा फिर से उठा दिया है। पाक प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि कश्मीर में मानव अधिकारों का उल्लंघन कहाँ-कहाँ और कैसे-कैसे हो रहा है ? इस समय कश्मीर के लगभग सभी नजरबंद नेताओं को मुक्त कर … Read more

गुजरात:आईना ही बदल डाला…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** गुजरात में भाजपा ने पूरा मं‍त्रिमंडल तो क्या आईना ही बदल डाला है। इस महाबदलाव में कई खतरे निहित हैं। बड़ी कामयाबी और उससे भी बड़ी नाकामयाबी के भी। भाजपा का गढ़ बन चुके गुजरात में नए और पहली बार मुख्‍यमंत्री बने भूपेन्द्र पटेल के मंत्रिमंडल में ‘पूरे घर के बदल डालूंगा’ … Read more

दुष्कर्म:जागरूकता के साथ पारिवारिक सहयोग आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जितने हम सभ्य बनते जा रहे हैं,उतने अधिक हम असभ्य हो गए हैं। विरुद्ध लिंग के प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है,पर आजकल इसने रोग का रूप ले लिया है़। इसने इतनी विद्रूपता का रूप धारण कर लिया है़ कि,नारी अब घर में भी सुरक्षित नहीं है। यौनाचार के प्रकरण घर में और निजीयों … Read more

हिंदी और राष्ट्र भाषा

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** महाभारत में एक प्रसंग आता है-युधिष्ठिर से यक्ष ने पूछा कि,-‘एक सुखी और समृद्ध राष्ट्र की क्या विशेषताएं होती हैं ?’इस पर युधिष्ठिर ने बताया कि-‘जिसकी सीमाएं निश्चित हो। जिसकी सुगठित सेना हो। जिसके राजकोष की नियमित आय हो। जिसके नागरिकों में देश भक्ति का भाव भरा हो। जिसकी एक निश्चित भाषा … Read more

‘हिंदी दिवस’ की औपचारिकता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हिंदी दिवस विशेष…… ‘हिंदी दिवस’ हम हर साल १४ सितंबर को मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन १९४९ को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा बनाया था,लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि हिंदी वास्तव में भारत की राजभाषा है भी या नहीं ? यदि हिंदी राजभाषा होती तो कम से कम भारत का … Read more

श्रेष्ठ व्यक्ति होता है़ ज्ञान दाता

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** शिक्षक:मेरी ज़िंदगी के रंग’ स्पर्धा विशेष….. यह सर्वविदित तथ्य है कि शिक्षा से ज्ञान प्राप्ति होती है। यही ज्ञान वर्द्धन व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखार देता है यानि ज्ञान से ही सर्वांगीण विकास सम्भव है। यहाँ सर्वांगीण विकास से मतलब विनय, पात्रता,धन,धर्म व सुख सभी कुछ,और यही सारे तथ्य बहुत पहले … Read more

शिक्षक सॅ॑वारते ज़िन्दगी

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* शिक्षक:मेरी ज़िंदगी के रंग’ स्पर्धा विशेष….. शिक्षक(श्रेष्ठ गुरु)की शिक्षा ही जीवन को सँवारती है़। जब तक इंसान शिक्षक की शरण में नहीं जाता है,तब तक वो ज्ञानहीन ही रहता है। शिक्षक की शरण में जाने से,उनकी आज्ञा पालन करने से, मनुष्य के जीवन का रंग ही बदल जाता है,और इंसान हर … Read more

आए गणेश संकट हरने

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** गणेश चतुर्थी विशेष…. हर भाद्रमास की शुक्ल चतुर्थी का प्यारा दिन जब भी आया,हर्षित होता मन ये बनके गणेश चतुर्थी का दिन आया।हर भाद्रमास की शुक्ल चतुर्थी… वो विघ्नहर्ता संकट हरते,हर काम सफल सबके करते,मोदक प्यारा उनको है बहुत,मूषक की सवारी जो करते।हैं एक दन्त वो दयावंत हर जीवन … Read more

राष्ट्रभाषा की आवश्यकता क्यों ?

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हमारे देश को आजाद हुए ७४ वर्ष हो चुके लेकिन आज तक हम अपनी मातृभाषा को राजभाषा तक नहीं बना पाए। संविधान में स्पष्ट लिखा था कि हिन्दी राजभाषा के रुप में स्थापित होगी,लेकिन अंग्रेजों के चाटुकारों ने ऐसा होने नहीं दिया। यदि उसी समय इसके प्रति सख्ती बरती जाती तो आज … Read more