‘कोरोना’:संकट जाते-जाते मानव जाति को कई सबक

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** ‘कोरोना’ का यह संकट जाते-जाते मानव जाति को कई सबक देकर जाएगा। यह मनुष्य को नए तरीके से जीना सिखा कर जाएगा। यह मनुष्य को उसके कृत्यों का दंड देकर उसकी सीमाओं का अहसास करा कर जाएगा। यह समझा कर जाएगा कि सिर्फ दौड़ना जरूरी नहीं होता,रूकना भी जरूरी … Read more

घातक ‘कोरोना’:सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** चीन की वुहान-भूमि से उपजा ‘नॉवेल कोरोना’ विषाणु आज दुनिया के लिए मृत्यु का पर्याय बन गया है। वुहान शहर मृतप्राय पड़ा है। स्पेन,इटली और अमेरिका तड़पकर गिरते शवों की अन्त्येष्टि नहीं कर पा रहे हैं। पाकिस्तान,अफगानिस्तान,बर्मा जैसे लडखड़ाते देश गौरतलब नहीं रहे। भारत इक्कीस दिनों की घोषित ‘तालाबंदी’ एवं … Read more

मजदूरों का पलायन बनाम ‘कोरोना’

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* गरीब आदमी हर बात का मारा और हर चीज़ का भूखा होता है। कभी उसे किस्मत से मार मिलती है,कभी दुःख से मिलती है,कभी समाज से मार खाता है तो कभी प्रकृति से भी। उसकी भूख भी कभी नहीं भरती,न खाने की,न पहनने की,न धन की। ऐसी ही न जाने कितनी … Read more

प्रकृति का परिवार

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** प्रकृति और मानव स्पर्धा विशेष…….. यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि हम भी प्रकृति के परिवार के सदस्यों में से एक हैं। प्रकृति का परिवार बहुत ही बड़ा है। इसकी कोई सीमा नहीं है। इस धरती पर चल-अचल, सजीव-निर्जीव,दृश्य या अदृश्य रूप में जो कुछ भी है,वह सभी … Read more

कोरोनाःरेलें और बसें तुरंत चलाएं

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘तालाबंदी'(लाॅकडाउन) की ज्यों ही घोषणा हुई,कुछ टी.वी. चैनलों पर कहा था कि यह ‘तालाबंदी’ बीमारी ‘कोरोना’ से भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो सकती है। कोरोना से पिछले दो हफ्तों में २० लोग भी नहीं मरे हैं और १००० लोग भी उसके मरीज़ नहीं हुए हैं लेकिन शहरों और कस्बों में … Read more

पानी है अनमोल

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* पर्यावरण को बचाना जीवन बचाने के बराबर है। इस जीवन के लिए जल संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है। जल संरक्षण को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेशविधानसभा अध्यक्ष के आदेश के अनुपालन में एक आदेश जारी किया गया था। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को आधा गिलास … Read more

प्रकृति से मित्रता के रिश्ते को समझना होगा,बचाना होगा

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ मानव जीवन में कुछ लोग जीवन यात्रा को आनंदमयी यात्रा मानते हैं,जबकि कुछ लोग दुखद मानते हैं। वे जरा-सा भी संकट आए तो दुखी हो जाते हैं। इंसान को हर पल चलते रहना चाहिए। मानवीय जीवन के साथ प्रकृति जुड़ी हुई है। प्रकृति से ही मानव का जीवन चलता है। हवा,पानी,अन्न … Read more

प्रकृति संरचना में मानव का महत्व

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** प्रकृति और मानव स्पर्धा विशेष…….. ‘प्रकृति संरचना में मानव का महत्व’ है,पर मानव से पहले प्रकृति की चर्चा-भारतीय पुराणों के अनुसार किवदंतियां हैं कि प्रकृति (सृष्टि)की रचना आदिकाल से पहले हमारे ईष्ट देवता ब्रह्मा,विष्णु,महेश जी ने की थी,जो किवदंती नहीं शत्-प्रतिशत सत्य है। सभी देवों ने प्रकृति के … Read more

मानव को प्राकृतिक संदेश ‘कोरोना’

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* प्रकृति और मानव स्पर्धा विशेष…….. बदलाव प्रकृति का नियम है और जीवन का आधार प्रकृति है। इसलिए ‘कोरोना’ हो या कोरोना जैसी कोई भी अन्य विकट वैश्विक चुनौती,जीवन-शैली बदलने की अति आवश्यकता होती है। चूंकि,प्रकृति जीवन जननी है और प्रत्येक जीव-जन्तु प्रकृति की कोख से उत्पन्न हुआ … Read more

‘कोरोना’ के आंतक से उपजी नैतिक बहस और नए सवाल…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** पूरे विश्व में ‘कोरोना’ वायरस कोविद १९ के बढ़ते प्रकोप,विकसित देशों द्वारा इस पर समय रहते नियंत्रण में नाकामी और भारत जैसे देश में ‘पूर्ण तालाबंदी’ (कम्प्लीट लाॅक डाउन)के महाप्रयोग ने दुनिया में एक नई नैतिक बहस को जन्म दे दिया है। सवाल उठ रहा है कि, ‘कोरोना’ जैसी वैश्विक महामारी … Read more