प्राणवायु आधार
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* हो हरित वसुंधरा…. हरित प्रकृति सार, प्राण वायु है आधार,वृक्ष कोई नहीं काटें, धरा ही तो शान है। कोरोना को करें याद, हुआ तन था बर्बाद,हालातों को देख के भी, लेते वृक्ष जान हैं। जीवों का न छीनें वास, श्वाँस देता करें भास,कोलाहल खग से ही, मीठा शुभ गान है। है … Read more